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मेड़ता सिटी. बासनी सेजा सहित आसपास के बिड़ला माइंस के निजी खाताधारक गुरुवार को मेड़ता पहुंचे। जहां उन्होंने एसडीएम, डीवाईएसपी तथा सीआई सहित अधिकारियों से बिड़ला माइंस कंपनी द्वारा ठेकेदार के साथ मिली भगत कर अवैध पत्थर खरीदकर खाता धारकों को बेरोजगार करने के मामले की शिकायत की। कृषि उपज मण्डी में उपखण्ड अधिकारी काशीराम चौहान, डीवाईएसपी विक्रम सिंह, सीआई गंगाराम विश्नोई सहित अधिकारियों से बासनी सेजा, धनापा, बासनी नरसिंग, पूंदलु गांवों के लोग शिकायत लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि इन सभी गांवों में बिड़ला माइंस का थ्रेसर लगा हुआ है। इन खाता धारकों के खातेधारी की जमीन बिड़ला व्हाइट की लीज में आई हुई है, लेकिन बिड़ला कंपनी ने खाताधारकों को दरकिनार कर दिया गया है। वहीं कंपनी आरएमडीसी से अवैध पत्थर लेकर खरीद रही है। जिससे इन गांवों के 500 खाता धारक बेरोजगार हो गए है। दो महीने से खाता धारक ठाले बैठे है। ग्रामीणों ने नए ठेकेदार राजदीप और महेन्द्र पाल सिंह पर मनमर्जी करते है राजनीतिक पहुंच से डराने का आरोप लगाते हुए निजी खाता धारकों ने कंपनी द्वारा बाहर से खरीदे जाने वाले पत्थर के रोक लगाने की मांग की। खाता धारकों ने बताया कि बिड़ला वाईट के जोधपुर जिला स्थित खारिया खंगार के प्लांट में 35 साल से पत्थर जा रहे है। कंपनी और ठेकेदार मिलकर महाशक्ति थ्रेसर चला रहे है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व जिला कलक्टर, एसपी, कंपनी के उच्चाधिकारियों को सूचित भी करवा दिया है। इस दौरान एसडीएम ने निजी खाता धारकों तथा बिड़ला माइंस के ठेकेदारों से चर्चा की। परंतु दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन पाई। इसको लेकर के शुक्रवार को फिर बैठक आयोजित होगी।
Published on:
31 Oct 2019 11:52 pm
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