
सेना का जवान साथियों को ट्रेन में ही छोड़ कर हुआ गायब
डेगाना पत्रिका. ट्रेन में अपनी साथियों की सेना यूनिट के साथ यात्रा कर रहा सेना का जवान बीच रास्ते में ही गायब हो गया। इसके बाद सेना यूनिट के प्रभारी ने ट्रेन से बीच रास्ते गायब हुए सेना जवान की गुमशुदगी भी जीआरपी पुलिस डेगाना चौकी मेड़तारोड पुलिस थाने में दर्ज करवाई थी। गत दिनों हुए इस पूरे प्रकरण में जब जीआरपी पुलिस चौकी डेगाना प्रभारी पूनाराम नायक ने पूरे मामले की जांच की तो कई दिलचस्प पहलू भी सामने आ गए। इसके बाद सभी यह कहानी सूनकर हैरान है। बीच रास्ते में ट्रेन से गायब हुआ सेना का जवान अपनी महिला मित्र से मोबाइल पर बाते करते हुए बीच रास्ते में ही ट्रेन से उतरकर वापस जयपुर जाकर फिर टोंक तक चला गया। महिला मित्र से मिलने के बाद जवान ने सेना की सजा व कार्रवाई से बचने के लिए खुद को ही ट्रेन में दोनों हाथ-पैर अपने ही गमछे से बांधकर सो गया। इस प्रकार पूरी कहानी का जीआरपी पुलिस डेगाना चौकी प्रभारी पूनाराम नायक ने जांच की तो छानबीन में पूरा झूठी कहानी व सच सामने आ गया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए उसके परिजनों की मौजूदगी में उन्हें सुपुर्द किया। परिवादी शेषागिरी नागाराजू पुत्र नारायणा जाति कुर्बा उम्र 43 साल निवासी कोण्डा स्ट्रीट, पतीकोण्डा पुलिस थाना पतीकोण्डा जिला करनोल (आन्ध्रप्रदेश) हाल नायब रिसलदार आर्मी यूनिट नं. 75 आर्मङ रेजिमेन्ट जैसलमेर कि एक लिखित रिपोर्ट डाक दर्ज करवाई। गत 24 मार्च को जयपुर से जैसलमेर की यात्रा कर रहा था। इसके साथ यूनिट के ही 4-5 जवान यात्रा कर रहे थे। जवान नितिन चौहान रेलवे स्टेशन डेगाना तक अपनी सीट पर यात्रा कर रहा था। रेलवे स्टेशन डेगाना से ट्रेन रवाना होने पर सीट पर नहीं था। जिसकी साथियों ने तलाश की, लेकिन नहीं मिला। जिससे फोन से सम्पर्क किया कोई उत्तर नहीं मिला। कुछ समय बाद फोन स्वीच ऑफ आया। फिर सुबह गाड़ी जैसलमेर पहुंचने पर पुन: तलाश की लेकिन नही मिला। यूनिट में उच्च अधिकारी को इतला दी। गुमशुदा सैनिक नितिन चौहान का सामान यूनिट ले जाया गया। गुमशुदा होने की रिपोर्ट दर्ज कर हैड कांस्टेबल प्रभारी डेगाना चौकी पुनाराम नायक को सौंपी गई।
पुलिस ने जांच रिपोर्ट में पाया, महिला मित्र से मिलने रची पूरी कहानी: पुलिस ने सभी थानों व स्टेशनों पर सूचना जारी की। इसके बाद जीआरपी थाना जयपुर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति जो अपना नाम नितिन पुत्र नरेन्द्र सिहं जाति राजपूत उम्र 21 साल निवासी कुतिना थाना माण्डल जिला अलवर हाल पदस्थापन जैसलमेर बता रहा है। उक्त व्यक्ति रेल्वे स्टेशन जयपुर पर खडी ट्रेन में अपने हाथ-पांव बांधकर सोया हुआ मिला था। जिसको थाना पर लाकर पूछताछ कि तो अपना नाम पता उपरोक्त बताया तथा सेना की ड्युटी के दौरान बीच रास्ते से उतर कर अपनी महिला मित्र से मिलने चला गया। महिला मित्र से मिलने के बाद वापस आकर सेना कि सजा से बचने के लिए अपने हाथ- पैर स्वयं ही बांधकर खडी ट्रेन में सो गया। गुमशुदा नितिन ने पूछताछ में बताया कि 2020 में सेना में भर्ती हुआ था। ट्रेङ्क्षनग के बाद मेरा पदस्थापन जैसलमेर में हुआ था। मेरे साथ सात सिपाही सेना यूनिट गेम्स में भाग लेने के लिए जयपुर आये थे। वापस जाते समय रास्ते में मैंने मेरी महिला मित्र से बात की। बातों- बातों में हमने मिलने का प्लान बना लिया। महिला मित्र से मिलने के लिए अपने साथियों को बिना बताएं रेलवे स्टेशन मेडता रोड पर उतर गया। रातभर वहीं पर रूका रहा सुबह जयपुर की ओर जाने वाली ट्रेन आने पर उस में बैठ कर जयपुर आ गया। जयपुर से बस में बैठ कर अपनी महिला मित्र से मिलने टोंक चला गया। टोंक बस स्टैण्ड पर मेरी महिला मित्र तैयार खडी थी। हमने वहीं बैठ कर बातें की। मैंने अपना फोन बन्द कर दिया था। ोमेरे भाई का फोन मेरी मित्र के पास आया और उसने मेरे बारे में पूछताछ की और मेरी गुमशुदगी के बारे में बताया तो हम वहां से बस से सवाईमाधोपुर आ गए। महिला मित्र अपने घर चली गई।
Published on:
05 May 2022 06:14 pm

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