अब तक 476 मिलीलीटर हुई बारिश, गत वर्ष 27 अगस्त तक हुई बारिश से इस बार 100 एमएम ज्यादा बरसा पानी
नागौर. जिले में इस बार इंद्र जमकर मेहरबान हुए हैं। वर्षभर में होने वाली औसत बारिश का कोटा मानसून सीजन के तीन महीने में ही पूरा हो चुका है। अच्छी बरसात होने से अब तक जिले में खरीफ की फसलें भी काफी अच्छी है और किसानों को उम्मीद है कि आगे भी मौसम अनुकूल रहने से उत्पादन अच्छा होगा। जिले में अब तक की बारिश पर नजर डालें तो सबसे अधिक बारिश इस बार मकराना तहसील में हुई है, यहां गत वर्ष 28 अगस्त तक 518 मिलीमीटर बारिश हुई थी, वहां इस बार 984 एमएम बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। पूरे जिले की बात करें तो अब तक 476.5 एमएम बारिश हुई है, जो जिले की वार्षिक औसत बारिश (369.7 एमएम) से 107 एमएम अधिक है। हालांकि अभी सितम्बर का महीना बाकी है। गत वर्ष 28 अगस्त तक जिले में 378.9 एमएम बारिश हुई थी।
जिले में अब तक बारिश
तहसील - औसत - पिछले 5 साल की औसत - गत वर्ष - इस वर्ष
नागौर - 309.9 - 338 - 273 - 294
मूण्डवा - 309.9 - 423.8 - 280 - 411
खींवसर - 309.9 - 371.6 - 149 - 319
जायल - 325.4 - 418.5 - 266 - 359
मेड़ता - 418.6 - 700.8 - 562 - 514
रियांबड़ी - 418.6 - 640.8 - 325 - 348
डेगाना - 372 - 507.2 - 489 - 282
डीडवाना - 309.9 - 535 - 481 - 518
लाडनूं - 331.4 - 457.8 - 325 - 313
परबतसर - 389.3 - 545.8 - 444 - 569
मकराना - 389.3 - 576.6 - 518 - 984
नावां - 460.8 - 581 - 385 - 697
कुचामन - 460.8 - 502 - 428 - 586
जिले की औसत - 369.7 - 507.7 - 378.9 - 476.5
नोट - गत वर्ष व इस वर्ष के बारिश के आंकड़े एक जून से 28 अगस्त तक के हैं।
नागौर व डेगाना में रही मानसून की बेरूखी
जिले में मकराना, नावां, परबतसर, कुचामन, डीडवाना व मेड़ता में अब तक 500 एमएम से ज्यादा बारिश हो चुकी है, वहीं कुछ तहसीलें ऐसी भी हैं, जहां इस बार मानसून की बेरुखी दिखी। जिले में अब तक सबसे कम बारिश डेगाना तहसील में हुई है, यहां गत वर्ष 28 अगस्त तक जहां 489 एमएम बारिश हुई थी। वहां इस बार मात्र 282 एमएम बारिश हुई है। इसी प्रकार नागौर तहसील में भी बारिश कम हुई, हालांकि गत वर्ष से इस बार थोड़ी ज्यादा बारिश हुई है, लेकिन अन्य तहसीलों की बारिश को देखें तो यहां काफी कम है। 20 किलोमीटर दूर मूण्डवा में 411 एमएम बारिश हुई है। खींवसर में भी 319 एमएम बारिश हो चुकी है। कलक्ट्रेट के रेवेन्यू इंस्पेक्टर कपिल देव शर्मा ने बताया कि जिले में इस वर्ष जनवरी माह से अब तक 535.4 एमएम हो चुकी है, जो अच्छा संकेत है।
ग्वार व मूंग का बम्पर उत्पादन होने की उम्मीद
जिले में इस बार मूंग के साथ किसानों ने ग्वार की भी बुआई लक्ष्य से सवा दो गुना की है। कृषि विभाग ने इस बार ग्वार की बुआई का लक्ष्य 90 हजार हैक्टेयर रखा था, जहां किसानों ने 2.12 लाख हैक्टेयर से अधिक बुआई की है। इसी प्रकार जिले में मूंग की बुआई भी करीब पांच लाख हैक्टेयर में की गई है। हालांकि विभाग ने लक्ष्य 6.40 लाख हैक्टेयर रखा था। समय-समय पर बारिश होने से इस बार खरीफ की लगभग सभी फसलें अच्छी पनपी है और उत्पादन भी बम्पर होने की उम्मीद है।