
-जलदाय विभाग के प्रभारी मंत्री की बैठक के बाद अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजमेर ने नागौर के अभियंताओं को दी चेतावनी
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नागौर. चेंबर्स में सर्दी के दिनों में गर्म हीटर का मजा ले रहे जलदाय विभाग आखिरकार हरकत में आ गया है। दो अभियंताओं को एपीओ करने और ग्रीष्मकालीन जलापूर्ति योजना को कागजों से निकालकर जमीन पर उतारने के सख्त निर्देशों के बाद विभाग अब अलर्ट मोड में नजर आने लगा है। जिले के अभियंताओं को आदेश मिले हैं कि वह चेंबर्स छोड़े, और अब फील्ड में जाएं, नहीं तो फिर उनके लिए मुश्किल हो सकती है। विभागीय सूत्रों की माने तो गत रविवार को हुई समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने जलदाय विभाग के अभियंताओं को जिस सख्त लहजे में चेताया तो विभाग में हडक़ंप की स्थिति बन गइ्र्र है। विशेषकर इसी बैठक में दो अभियंताओं को एपीओ करने के मिले आदेश के बाद से हालात ऐसे बन गए हैं कि सर्दी के मौसम में भी अभियंताओं को पसीना आने लगा है।
रिपोर्ट भी नहीं आई काम
बैठक के दौरान जब नागौर जिले के अभियंताओं की बारी आई तो अजमेर के अतिरिक्त मुख्य अभियंता रामचंद्र राड ने दो माह पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों में की गई बैठकों और ग्रामीणों से संवाद के आधार पर तैयार रिपोर्ट का हवाला दिया। इसके बावजूद मंत्री संतुष्ट नहीं हुए और स्पष्ट किया कि अब केवल रिपोर्ट नहीं, जमीनी परिणाम दिखने चाहिए। विभागीय सूत्रों का कहना है कि अभियंताओं को सबसे ज्यादा चिंता इस बात की है कि आगामी दो माह प्रभारी मंत्री जिले और आसपास के क्षेत्रों में लगातार रहेंगे। यदि इस दौरान कहीं से भी अपर्याप्त जलापूर्ति या खराब व्यवस्था की शिकायत पहुंची, तो संबंधित अभियंता पर सीधी कार्रवाई हो सकती है।
फील्ड में उतरने के आदेश
बैठक के बाद अतिरिक्त मुख्य अभियंता रामचंद्र राड ने नागौर के जल वितरण और प्रोजेक्ट से जुड़े अधीक्षण अभियंताओं को विशेष रणनीति के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। आदेश साफ हैं कि अब अभियंताओं को चेंबर में नहीं, सीधे फील्ड में जाकर काम करना होगा।
गांवों में होगी सीधी सुनवाई
निर्देशों के अनुसार अभियंता अपने-अपने क्षेत्रों के गांवों में जाकर ग्रामीणों के साथ बैठक करेंगे। ग्रामीणों की जल संबंधी समस्याएं मौके पर ही सुनी जाएंगी और समाधान की प्रक्रिया भी वहीं से शुरू की जाएगी। अब शिकायतें फाइलों में नहीं, गांव की चौपाल पर दर्ज होंगी।
टंकी से नल तक जांच
फील्ड भ्रमण के दौरान यह विशेष रूप से देखा जाएगा कि गांवों की टंकियों में नियमित जलभराव हो रहा है या नहीं। पानी की गुणवत्ता, आपूर्ति का समय और दबाव, तथा दिए गए जल कनेक्शनों से वास्तव में कितने घरों तक पानी पहुंच रहा है, इसकी भी जांच की जाएगी।
सफाई और लीकेज पर नजर
टंकियों की साफ-सफाई, पेयजल लाइनों में लीकेज, क्षतिग्रस्त पाइपलाइन, अवैध जल कनेक्शन और नलों में जलापूर्ति की स्थिति की विस्तृत समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। यह रिपोर्ट ग्रामीणों से सीधे संवाद कर तैयार की जाएगी।
कागजी रिपोर्ट पर कार्रवाई तय
अतिरिक्त मुख्य अभियंता रामचंद राड ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए हैं कि अधीक्षण अभियंता क्षेत्रवार रिपोर्ट का भौतिक सत्यापन करेंगे और इसके बाद ही अजमेर भेजेंगे। अतिरिक्त मुख्य अभियंता ने साफ कहा है कि यदि कोई अभियंता कागजी रिपोर्ट बनाकर भेजेगा और सत्यापन में वह गलत पाई गई, तो संबंधित अधिकारी को विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। नागौर के अधीक्षण अभियंता श्रवण सिंह खिडिय़ा ने सभी अभियंताओं की बैठक लेकर निर्देश जारी किए हैं और एक सप्ताह में पूरी रिपोर्ट सौंपने का अल्टीमेटम दिया है।
ग्रीष्मकालीन योजना अब जमीन से ग्रामीणों के सहयोग से होगी तैयार
निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ग्रीष्मकालीन जलापूर्ति योजना गांवों के भ्रमण और भौतिक स्थिति के मूल्यांकन के बाद ही तैयार की जाएगी, ताकि बाद में किसी प्रकार का विवाद न हो। इस योजना में ग्रामवार कुल कितनी जलापूर्ति हो रही है, कितने लाभान्वित हो रहे हैं, कितने ग्रामीणों को पानी कम मिल रहा है, और कितने घरों के कनेक्शनों में अब तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इसका सीधा उल्लेख करते हुए इसको तथ्यात्मक रूप से तैयार करने के लिए कहा गया है। बताते हैं कि बैठक में ही पीएमसी खंड नोखा के अधिशासी अभियंता और ग्रामीण नावां के कनिष्ठ अभियंता को एपीओ करने के आदेश के बाद विभाग के अधिकारी अब फिलहाल अब फिक्रमंद नजर आने लगे हैं।
अवैध कनेक्शन पर कराएंगे एफआईआर
पेयजल आपूर्ति को लेकर सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जो अधिकारी कार्य में लापरवाही बरतेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। अंतिम छोर तक सभी को पर्याप्त पेयजल पहुंचाने के लिए अवैध जल कनेक्शन हटाने और दोषियों पर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। यदि पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं करती है तो इसकी जानकारी सीधे उन्हें दी जाए। आगामी गर्मी को देखते हुए आवश्यक सभी कार्य समय पर पूरे करने, जरूरत होने पर नए नलकूप व संबंधित उपकरणों के प्रस्ताव तुरंत भेजने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण पेयजल पर जोर देते हुए नियमित मॉनिटरिंग, क्लोरीनेशन, पानी के सैंपल की जांच और गंदे पानी की किसी भी शिकायत को बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी गई है। बताया गया कि संबंधित थाना की ओर से रिपोर्ट दर्ज करने में आनाकानी करने की स्थिति में इसकी सीधी जानकारी दी जानी चाहिए। प्रभारी मंत्री ने भी कहा था कि इसमें पुलिस की ओर से हीलाहवाली करने की जानकारी भी उनको दी जानी चाहिए। इसलिए अवैध कनेक्शन पर एफआईआर तुरन्त कराई जानी चाहिए।
अभियंताओं को फील्ड में उतरने के लिए चेताया….
नागौर जिले के सभी अभियंताओं को स्पष्ट रूप से कह दिया गया है कि प्रभारी मंत्री की बैठक के बाद भी अब किसी ने लापरवाही बरती तो फिर संबंधित अभियंता के लिए मुश्किल की स्थिति बन जाएगी। सभी को फील्ड में जाकर ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनने, और समाधान के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में जिले के वितरण एवं प्रोजेक्ट के अधीक्षण अभियंताओं को भी स्पष्ट रूप से पालना करने के निर्देश दिए गए हैं।
रामचंद्र राड, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, जलदाय विभाग अजमेर
Published on:
15 Jan 2026 10:27 pm
