पर्यावरण जन चेतना रथ यात्रा नागौर पहुंचने पर शनिवार को पशु प्रदर्शनी स्थल पर पर्यावरण सभा का आयोजन किया गया
नागौर. पर्यावरण जन चेतना रथ यात्रा Environment Public Awareness Rath Yatra नागौर पहुंचने पर शनिवार को पशु प्रदर्शनी स्थल पर पर्यावरण सभा का आयोजन किया गया। मुकाम पीठाधीश्वर आचार्य स्वामी रामानंद, जसनाथ आश्रम पांचलासिद्धा के योगी सूरजनाथ, संत जानकीदास के सान्निध्य में आयोजित सभा में जिला कलक्टर डॉ. अमित यादव, पद्मश्री हिम्मताराम भांभू, राष्ट्रीय संयोजक गोपाल आर्य, रघुकुल ट्रस्ट पीपासर के संस्थापक पूरणसिंह राठौड़, सामाजिक कार्यकर्ता राजाराम बिश्नोई व प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष माणक चौधरी अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
अतिथियों ने सभा में मौजूद विद्यार्थियों एवं शहरवासियों को संबोधित कर पर्यावरण का महत्व समझाया तथा संरक्षण का संदेश दिया।आचार्य रामानंद ने कहा कि पेड़ कभी कुपुत्र नहीं होता है। वह सब को बिना भेदभाव के फल प्रदान करता है। गुरु जंभेश्वर महाराज के इसी संवेदनशील भाव को अमृता देवी ने अपने जीवन में अंगीकार किया और पेड़ों को बचाने के लिए उनके साथ 363 पर्यावरण प्रेमियों ने बलिदान दे दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से नशा नहीं करने, माता-पिता का आदर करने का आह्वान किया।
फेक्ट फाइल
प्रति व्यक्ति 422 पेड़ होने चाहिए
मुख्य वक्ता पर्यावरण गतिविधि के राष्ट्रीय संयोजक गोपाल आर्य ने कहा कि पर्यावरण आज की दृष्टि से युग धर्म है। भारत में 2 लाख नदी और तालाब गायब हो चुके हैं। गंगा और यमुना का पवित्र पानी दूषित हो चुका है। आज संपूर्ण विश्व के लिए और पर्यावरण की दृष्टि से यह चिंता का विषय है। डब्लूएचओ के अनुसार भारत में प्रति व्यक्ति 422 पेड़ होने चाहिए, लेकिन यहां प्रति व्यक्ति 28 पेड़ ही हैं। महंत योगी सूरजनाथ ने कहा कि पर्यावरण क्षेत्र में यह सकारात्मक प्रभाव है कि विश्व को अनुभव हो रहा है कि भारत इस क्षेत्र में पूरे संसार का नेतृत्व करेगा। आज के पर्यावरण संकट और प्लास्टिक कचरे के कारण वन नष्ट हो रहे हैं।
पेड़ों से हुई बारिश में वृदि्ध
कलक्टर डॉ. यादव ने कहा कि नागौर में पर्यावरण से संबंधित जो गतिविधियां बढी हैं, उसके चलते जिले में बरसात का आंकड़ा पिछले कुछ वर्षों से बढा है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अपने प्रत्येक जन्मदिन पर पौधरोपण करें तथा उसकी देखभाल भी करें। उन्होंने प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्लास्टिक का उपयोग करके हर जगह बिखेर देने से हमारी भारत माता पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है। उन्होंने सभी से आगामी विधानसभा व लोकसभा चुनाव में निष्पक्ष रूप से तथा निर्भीक भाव से मतदान करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
पर्यावरण सभा में नागौर विधायक मोहनराम चौधरी, विभाग प्रचारक गिरधारीलाल, रूद्रकुमार शर्मा, मुकेश भाटी, गेनाराम गुरु, आईएएस अधिकारी संतोष चौधरी, मांगीलाल बंसल, रामावतार चांडक, मनोज चौहान, प्रेमाराम, विजयपाल, मोहित अग्रवाल, गौतम कोठारी, माली समाज के अध्यक्ष कृपाराम देवड़ा, रमेश अपूर्वा, रामनिवास सांखला, नागरचंद भार्गव, नटवर राज, रमेश सोलंकी, प्रमिला सेन, मनीष पारीक, विजेंदर चौधरी, विमलेश परिहार, किशोर मांझू, रामकिशोर डांगा आदि उपस्थित रहे।
इनको किया सम्मानित
सभा के दौरान विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्यों व शिक्षाविदों को सम्मानित किया गया। अतिथियों ने ललित पाराशर, शैतानराम चांगल, शिवदान सिंह, हरदेव गारू, शशिकांत, भारत, गुलाब, आदित्य, व्याख्याता विमला चौधरी, कमला चारण, जबराराम डेवाल, जुगलकिशोर आचार्य, राकेश आचार्य, अरविंद, बिरदीचंद सांखला, दल्लाराम चौधरी, दौलतराम सारण, नरेंद्र, नरेश कच्छवाह व मांगीलाल गहलोत आदि को यात्रा में सहयोग करने पर सम्मानित किया। यात्रा के जिला संयोजक सुखाराम चौधरी, सह संयोजक शिवनाथ सिद्ध, नगर संयोजक प्रहलाद भाटी, सह संयोजक विनेश शर्मा, धर्मेंद्र, हरिराम धारणिया, नृत्यगोपाल मित्तल, गौतम कोठारी, डॉ. अपूर्व कौशिक, नागरचंद भार्गव का स्मृति चिह्न प्रदान कर अभिनंदन किया गया।
विद्यार्थियों को दिलाया संकल्प
पर्यावरण सभा में कार्यक्रम का संचालन करते हुए मनीष शर्मा ने विद्यार्थियों, शिक्षकों व अतिथियों को पर्यावरण संरक्षण करने, पौधरोपण करने व जीवन में न्यूनतम प्लास्टिक का प्रयोग करने का संकल्प दिलाया। यात्रा के नागौर विभाग संयोजक मोहनराम सुथार ने आभार जताया। इस मौके सभी विद्यार्थियों को खेजड़ी, सहजन व शीशम के बीज प्रदान किए गए। यात्रा का प्रतिवेदन संयोजक लीलाधर सोनी ने पेश किया।
पर्यावरण प्रेमियों का किया सम्मान
कार्यक्रम में रामेश्वर सांखला, ललित आचार्य, ओमप्रकाश सांखला, जीतू सेन, रामस्वरूप कच्छावा, रामजस भाटी, रामकुंमार भाटी, मुकेश गौड, छोटूराम कच्छावा, रामबक्श टाक, मंगलमय सेवा संस्थान के पारसमल परिहार, पूनम चंद भाटी, धनराज खोजा, धर्मपाल डोगीवाल, प्रतापसिंह राजपुरोहित, मूलशंकर छापरवाल, रामप्रसाद भाटी, सुखदेव मनिहार, पर्यावरण विकास समिति बालवा के भंवरसिंह, परमात्मा सेवा दरबार संस्था के सुरेश अटल तथा भगवान बरड़वा का भी सम्मान किया गया।