नागौर. नागौर. बख्तासागर पार्क में शुक्रवार को भोलावणी का मेला भरा। इस दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इसके पूर्व अहिछत्रपुर से शाही लवाजमे के साथ गंवर माता की सवारी निकली। साथ में अन्य समाजों की भी गणगौर सवारियां चल रही थी। गाजे-बाजे के साथ चली गंवर माता की सवारी के साथ ब्राहृमण स्वर्णकार समाज, किले से गणगौर की सवारियां एक साथ निकली तो सडक़ों पर उमड़ा श्रद्धा का ज्वार नजर आया। अहिछत्रपुर दुर्ग से शुक्रवार को शाही लवाजमे के साथ गणगौर की सवारी निकली। इसमें खटिक समाज, पुष्करणा समाज, गांछा समाज, खत्रीसमाज खत्रीपुरा, मेढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज, बाठडिय़ों का चौक, इंदिरा कॉलोनी सहित अन्य क्षेत्रों की गणगौर सवारियां चल रही थी। यह सवारियां त्रिपोलिया, सदर बाजार, लोढों का चौक, माही दरवाजा आदि रास्तों से से होते हुए जयकारों के साथ बख्तसागर तालाब पहुंची। बख्तासागर तालाब में पानी पिलाकर लोग गणगौर अपने-अपने क्षेत्रों की गणगौर को लेकर रवाना होते रहे। सवारियां निकलने के दौरान डीजे पर बजते भजनों से शहर गणगौर मय बना रहा। रास्ते में कई जगहों पर स्वागत किया गया। गंवर माता की सवारी देखने के लिए सडक़ों के दोनों ओर खड़े लोगों ने पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया। महिलाएं थिरकते हुए गंवर माता के गीत का गायन कर रही थी। किले से निकलने के दौरान गंवर माता का सभापति मीतू बोथरा ने पूजन किया। स्थिति यह रही कि किले से गंवर माता की सवारी निकलने के दौरान पूरे रास्ते चारों ओर से श्रद्धालुओं का मेला नजर आया। पारंपरिक परिधानों में पहुंची महिलाओं में गंवर माता का अर्चन करने व देखने की होड़ लगी रही।
उमड़ी श्रद्धा
गंवर माता की शाही सवारी के साथ ही अन्य समाजों की गणगौर सवारियां मिली तो सडक़ों पर श्रद्धा ज्वार उमड़ा नजर आया। शहर की एक साथ सभी गणगौर सवारियां बख्तासागर तालाब पहुंची तो पूरे पार्क में मेला लगा नजर आया। डीजे की धुन में गंवर माता के बज रहे भजनों के शोर में पूरा मेला डूबा रहा। बख्तासागर पार्क में सैंकड़ों की भीड़ रही।