
सरकारी के लिए नहीं है सरकार की मोक्ष कलश यात्रा
नागौर. परिजनों के अस्थि विसर्जन के लिए हरिद्वार जाने वाली निशुल्क बस सेवा का लाभ अब सरकारी लोग नहीं ले सकेंगे। इस सेवा से आयकर दाता व सरकारी कर्मचारियों को अलग रखा गया है। लॉक डाउन के दौरान परिजनों की अस्थियां लेकर हरिद्वार जाने के लिए रोडवेज ने स्पेशन बस सेवा शुरू की थी। मोक्ष कलश यात्रा के तहत ऑनलाइन पंजीयन करवाने के बाद एक कलश के साथ अधिकतर दो जनों को हरिद्वार जाने की अनुमति है। पात्रता के इतर लाभ लेने वाले यात्रियों से जुर्माना वसूलने का प्रावधान किया है। गलत सूचना देकर निशुल्क यात्रा का लाभ लेने वाले यात्रियों से किराया वसूली के साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकेगा। राज्य सरकार ने कोविड-19 के कारण परिवहन साधनों का संचालन सुचारू नहीं होने पर अस्थियों का यथासमय विसर्जन कराने के लिए यह सुविधा शुरू की थी।
साथ रखने होंगे दस्तावेज
योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार इसका लाभ आयकरदाता और सरकारी कर्मचारियों को छोड़कर अन्य सभी ले सकेंगे। पंजीयन के समय मृत व्यक्ति के बारे में पूरा विवरण देना होगा। इनसे संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां अस्थि कलश लेकर जाने वालों को अपने साथ रखनी होंगी। एक बस में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए अधिकतम 23 कलश के साथ 46 यात्री बैठ सकेंगे। हरिद्वार में अस्थि विसर्जन व पूजा से जुड़े कार्य अस्थि कलश लेकर जाने वालों को स्वयं करना होगा।
नहीं रहेगी रूकने की अनुमति
हरिद्वार के लिए जाने वाले यात्रियों को ऑनलाइन टिकट बुकिंग करवाना होगा। पंजीकृत यात्रियों को यात्रा के सम्बंध में रोडवेज की ओर से मोबाइल पर सूचना दी जाएगी। इसके तहत आने-जाने की बुकिंग एक साथ ही करनी होगी तथा यात्रियों को उसी वाहन से वापस आना होगा। इनको हरिद्वार में रूकने की अनुमति नहीं रहेगी।
लाभ नहीं ले सकते...
निशुल्क मोक्ष कलश यात्रा के लिए आयकर दाता एवं सरकारी कर्मचारियों को पात्र नहीं माना गया है। इनके अलावा अन्य लोग इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
- गणेशकुमार शर्मा, आगार प्रबंधक, रोडवेज, नागौर
Published on:
26 Oct 2020 06:58 pm

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