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– कुरीतियां छोड़ने को लिए सख्त निर्णय
– गुर्जर समाज की महापंचायतः
– 17 गांवों के सैंकड़ों गुर्जर हुए शामिल
रियांश्यामदास . नागौर जिले के रियांश्यामदास कस्बे के खेजड़िया देवनारायण मंदिर में गुर्जर बाहुल्य करीब 17 गांवों के गुर्जरों की समाज सुधार को लेकर रविवार को महापंचायत हुई। रामजीवन गुर्जर ने बताया कि गुर्जर समाज ने एक जाजम पर बैठकर करीब पांच घंटे चर्चा करके समाज विकास में बाधक छह सामाजिक कुरीतियों पर प्रतिबंध लगाया । पंचयात में हरसोलाव, रोल चांदावता, रिंयाश्यामदास,चौपड़ों की ढाणी, मांगलियावास,नोखा चांदावता, कुम्पड़ावास,लाम्बा जाटान, गागुड़ा,रूण ,ग्वालु, माडपुरा शिवपुरा ,पालड़ीजोधा,गाजु , मेड़तारोड़ सहित कई गांवों के गुर्जर समाज के लोग एकत्रित हुए।
बेटियों को शिक्षा के प्रति अग्रसर करने का आह्वान
महापंचायत में समाज ने बेटों के साथ बेटियों को भी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का आह्वान किया। सुनील गुर्जर ने कहा कि बेटियां पढ़ लिखकर सफ़ल होगी तो दो परिवारों को शिक्षित करेगी। रामजीवन हाकला ने समाज के लोगों से कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के पदचिन्हों पर चलकर समाज को आगे बढ़ाने की बात कही।
बैठक में दौरान चिमनाराम कोली , दिलीपसिंह पोसवाल , सुरेश गुर्जर, रोल चांदावता सरपंच अर्जुन राम चौपड़ा , आईदान राम पांवड़, रमजीराम चाड, जालाराम चौपड़ा, मोतीराम बजाड़ सहित बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने समाज के नियमों का पालन करने पर सहमति जताई। मंदिर के भोपा मंघाराम कोली ने आभार व्यक्त किया ।
इन कुरीतियों पर प्रतिबंध लगाया
– सामाजिक कार्यक्रम में अफीम, डोडा , अमल के उपयोग पर पूर्णत बंद ।
– परिवार में सास -ससुर का निधन होने पर बेटी के घर आयोजित होना वाला खर्च यानी छोटा मृत्युभोज बंद किया ।
– शादी व धार्मिक कार्यक्रमों में डीजे व फ्लोर साउंड बजाने पर प्रतिबंध ।
– मृत्युभोज में केवल सब्जी रोटी व बूंदी की मिठाई के अलावा कुछ भी भोजन बनाने पर प्रतिबंध।
– शादी में सोने के आभूषण का बोझ को कम करते हुए बहू के लिए पडले में सोना का केवल बोर / रखड़ी, मंगलसूत्र व पैर में चांदी की पायजेब ही लाई जाएगी। इसके अलावा सोने के आभूषण पडले में ले जाने पर पूरी तरह रोक रहेगी
– मृत्युभोज में मिलनी पर कपड़ों के देनलेन पर रोक रहेगी।
धर्मवीर चोपड़ा ने बताया कि समाज के लोगों ने सभी निर्णयों की पालना करने परर विशेष जोर दिया । महेंद्र खटाणा ने बताया कि समाज ने यह भी निर्णय किया कि अगर किसी व्यक्ति इन नियमों की अवहेलना की तो समाज के 17 गांवों के गुर्जर उसके कार्यक्रम में शिरकत नहीं करेंगे।