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जयगच्छीय महासती नंदकंवर ने जीवन के रहस्य को समझ लिया था

महाराज का 27वां स्मृति दिवस तप-त्याग पूर्वक मनाया गयाजयमल जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में विभिन्न कार्यक्रम हुए आयोजित

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Jayagachchiya Mahasati Nandkanwar had understood the secret of life

Shravikas present in group chanting at Nagaur.Jaymal Jain Poultry

नागौर. जयगच्छीय महासती नंदकंवर का 27वां स्मृति दिवस पर हुए कार्यक्रम में साध्वी बिंदुप्रभा ने प्रवचन देते हुए कहा कि महासती नंदकंवर महाराज का जन्म विक्रम संवत 1965 को पाली जिले के सोजत शहर के पास में स्थित केलवाज में हुआ था। सेवग जाति में जन्म होने पर भी उन्होंने मात्र 11 वर्ष की आयु में जैन धर्म में दीक्षा ली। उन्होंने जिनशासन की खूब प्रभावना की। आसोज सुद 13, विक्रम संवत 2051 को महासती का संथारा सहित देवलोकगमन हुआ। सच्चे अर्थों में उन्होंने जीवन के रहस्य को समझ लिया। साध्वी डॉ.बिंदुप्रभा ने स्मृति दिवस पर अनेक भजनों के माध्यम से भी महासती के जीवन पर प्रकाश डाला।

विविध कार्यक्रमों के हुए आयोजन
जयगच्छीय महासती नंदकंवर का 27वां स्मृति दिवस सोमवार को जयमल जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में तप-त्याग पूर्वक मनाया गया। साध्वी बिंदुप्रभा एवं साध्वी हेमप्रभा के सानिध्य में प्रवचन, लघु नाटिका एवं एकासन योग एवं जीव दया सरीखे कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। संघ के कार्यकर्ताओं ने सुबह शहर में अलग-अलग जगह घूमकर मूक पशु-पक्षियों की सेवा की। आचार्य जयमल जैन मार्ग स्थित जयमल जैन पौषधशाला में सुबह साढ़े छह बजे प्रार्थना की गयीं। सुबह नौ बजे से दस बजे तक सामूहिक सजोड़े जाप का आयोजन किया गया। इसमें 28 जोड़ो ने नवकार महामंत्र का जाप किया। पुरूष वर्ग सफेद वेशभूषा एवं महिला वर्ग लाल चुनड़ी साड़ी में मौजूद रहीं। जाप में बैठने वाले सजोड़ो को निहालचंद, कीर्ति गादिया कोयंबटूर एवं मांगीलाल, श्रेणिक कांकरिया पीपाड़ सिटी की ओर से प्रभावना वितरित की गयीं।

मंडल ने की लघु नाटिका
प्रवचन के बाद जयमल जैन महिला मंडल, नागौर एवं जय जैन बालिका मंडल, नागौर की सदस्याओं ने महासती नंदकंवर महाराज के जीवन-वृत्तांत को दर्शाती हुई लघु नाटिका प्रस्तुत की। विनीता पींचा, राकेश सेठिया धन्नारी, दीपक कोठारी खांगटा, आस्था सेठिया धन्नारी, मोरकंवर बाई बिलाड़ा ने भी भजन, संवाद आदि के माध्यम से स्मृति दिवस पर अपने भाव प्रकट किए। संघ की ओर से प्रकाशचंद बैद डेह, शंकरसिंह राठौड़ बिलाड़ा, पारसमल लोढ़ा भिनाय, उत्तमचंद कोठारी खांगटा, गुलाबचंद नाहर कुचेरा, प्रभाकर टाक पीपाड़ सिटी, धर्मीचंद रांका कालू, दीपक शर्मा मेड़ता सिटी आदि का बहुमान किया गया। इस दौरान 27 लक्की ड्रा भी निकाले गए। विजेताओं को सुगालचंद, रमेश गुगलिया की ओर से पुरस्कृत किया गया। प्रवचन की प्रभावना सुशीला देवी, किशोरचंद ललवानी की ओर से दी गयीं। प्रार्थना में निकाले गए लक्की ड्रा के विजेताओं को अशोककुमार बोहरा की ओर से पुरस्कृत किया गया। संचालन संजय पींचा ने किया।

सामूहिक एकासन का हुआ आयोजन
स्मृति दिवस पर सुबह साढ़े 11 बजे से सामूहिक एकासन का आयोजन ओसवाल न्यात की पोल के प्रथम तल में हुआ। अनेक धर्मावलंबियों ने एकासन तप किया। एकासन आराधकों को पारसमल जैन एवं चैनसुख बेताला परिवार की ओर से प्रभावना वितरित की गयीं। सामूहिक एकासन एवं आगंतुकों के भोजन के लाभार्थी अनोपीदेवी, मदनलाल बेताला थे। ओली तप एवं पारणा का संपूर्ण लाभ भंवरलाल, पुखराज ने लिया। संघ मंत्री हरकचंद ललवानी ने बताया कि दोपहर दो बजे से पौषधशाला में धार्मिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें प्रथम विनीता पींचा व दीपक कोठारी, द्वितीय प्रेमलता ललवानी एवं तृतीय मंजू देवी ललवानी थीं। विजेताओं को भीखमचंद, कृष्ण ललवानी परिवार द्वारा पुरस्कृत किया गया।


ये रहे उपस्थित
इस मौके पर अमित वशिष्ठ सैनणी, ललेश कांकरिया जोधपुर, जयमल जैन महिला मंडल रायपुर, महावीरचंद बेताला, जीवनचंद कांकरिया, दिलीप सैनी, अमीचंद सुराणा, नरपतचंद ललवानी, कमलचंद ललवानी, पार्षद दीपक सैनी, दशरथचंद लोढ़ा, महावीरचंद भूरट, प्रकाशचंद बोहरा, जितेंद्र चौरडिय़ा, प्रेमचंद चौरडिय़ा, दिलीप पींचा, पी.प्रकाशचंद ललवानी सहित सैंकड़ो श्रावक-श्राविकाएं नागौर, डेह, पीपाड़, जोधपुर, कालू, धन्नारी, खांगटा, बिलाड़ा, भिनाय, कुचेरा, मेड़ता सिटी, गुवाहाटी, सैनणी, रायपुर आदि क्षेत्रों से इसमें शामिल हुए।

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