पत्रिका मुद्दा - सरकार के कान पर नहीं रेंग रही 'जूं' - एमएसपी पर मूंग खरीद करने को लेकर सरकार ने अब तक जारी नहीं किए दिशा-निर्देश- किसानों के घरों में मूंग में लग रहा घुन, मजबूरी में सस्ते दाम पर बेचने को मजबूर
नागौर. सरकारी ढिलाई के चलते मूंग की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद नहीं होने तथा मौसम में बार-बार आ रहे बदलाव के कारण किसानों के घरों में रखे मूंग को घुन लग रहा है। किसानों के लिए घरों में मूंग स्टोर करके रखना मुश्किल हो रहा है, इसके बावजूद सरकार ने अब तक एमएसपी पर मूंग खरीद को लेकर कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए हैं।
किसानों को कहना है कि टोकन (रजिस्ट्रेशन) जारी करने के बाद खरीद शुरू करने में सरकार यह महीना भी निकाल देगी, जबकि उनके लिए एक-एक दिन भी भारी पड़ रहा है।
गौरतलब है कि वातावरण में नमी, गर्मी और ऑक्सीजन एक साथ मिलने के कारण मूंग में जीवाणु पनपने लगते हैं। स्टोरेज की उचित व्यवस्था नहीं होने से किसानों के घरों में रखे मूंग में घुन व कीड़े लगने रहे हैं।
केन्द्र सरकार नहीं दी हरी झंडी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समय-समय पर किसानों की आय दुगुनी करने के दावे करते हैं और मूंग का एमएसपी भी 7775 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन जब खरीद का समय आया तो मौन धारण कर लिया। सहकारिता से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने मूंग खरीद का प्रस्ताव तैयार कर केन्द्र सरकार को भिजवा दिया, लेकिन केन्द्र से अब तक मूंग खरीद को लेकर हरी झंडी नहीं दी है। इसके कारण मूंग खरीद में देरी हो रही है।
जिले में 4.32 लाख मीट्रिक टन मूंग उत्पादन
इस बार मूंग की अगेती फसल होने से ज्यादातर किसानों ने फसल निकाल ली है। इधर, राजस्व विभाग व कृषि विभाग ने भी जिले में मूंग उत्पादन के अनुमानित आंकड़े तैयार कर लिए हैं। कृषि विभाग, तहसीलदार भू-अभिलेख तथा सांख्यिकी विभाग के सहायक निदेशक की ओर से तैयार की गई मूंग व मूंगफली के उत्पादन एवं बुआई के क्षेत्रफल की रिपोर्ट चार दिन पहले ही जयपुर भिजवाई जा चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार जिले में इस बार मूंग का अनुमानित उत्पादन 4 लाख 32 हजार 159 मीट्रिक टन माना गया है।
जिले में इस बार मूंग का अनुमानित उत्पादन एवं बुआई
तहसील - क्षेत्रफल - उत्पादन
नागौर - 51,560 - 36,946
मूण्डवा - 43,500 - 36,946
खींवसर - 36,037 - 38,454
जायल - 78,300 - 43,732
मेड़ता - 63,600 - 43,128
रियांबड़ी - 50,605 - 44,250
डेगाना - 44,250 - 41,093
सांजू - 15,331 - 12,750
डीडवाना - 52,920 - 36,610
लाडनूं - 32,826 - 19,152
परबतसर - 45,764 - 24,249
मकराना - 45,351 - 29,254
नावां - 19,775 - 15,762
कुचामन - 14,604 - 13,969
कुल - 5,94,421 - 4,32,159
नोट - मूंग बुआई का क्षेत्रफल हैक्टेयर में तथा उत्पादन मेट्रिक टन में है।
देरी से नागौर को सबसे ज्यादा नुकसान
नागौर जिला प्रदेश का सबसे ज्यादा मूंग उत्पादन करने वाला जिला है, इस बार सरकारी आंकड़ों के अनुसार 4 लाख 32 हजार 159 मीट्रिक टन उत्पादन माना गया है और किसानों को मंडी में उचित भाव नहीं मिल रहे हैं। सरकार ने मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 7775 रुपए प्रति क्विंटल तय कर रखा है। इस बार अब तक खरीद शुरू नहीं की है, जबकि पिछले वर्षों का रिकॉर्ड देखें तो 20 सितम्बर तक खरीद शुरू हो जाती है। इस बार जिले में मूंग की अगेती फसल होने से सितम्बर के प्रथम सप्ताह में ही नया मूंग मंडी में पहुंचना शुरू हो गया और पिछले एक महीने से ताजा मूंग मंडी में आ रहा है, लेकिन सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसानों को उचित भाव नहीं मिल रहे हैं। मंडी में इन दिनों मूंग के औसत भाव 6500 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास चल रहे हैं, जिससे किसानों को प्रति क्विंटल एक हजार 1200 रुपए तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उत्पादन की रिपोर्ट जयपुर भेजी है
मुख्यालय के निर्देशानुसार हमने नागौर जिले का मूंग का अनुमानित उत्पादन एवं खरीद केन्द्रों की सूची जयपुर भिजवा दी है। खरीद शुरू करने को लेकर अब तक कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
- जयपाल गोदारा, उप रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां, नागौर