
nagaur news
नागौर. जिला अस्पताल परिसर में स्थित मातृ एवं शिशु कल्याण केन्द्र से महज कुछ मीटर की दूरी पर मच्छरों की फैक्ट्री बन गई है, लेकिन अस्पताल प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं है। आलम यह है कि सामने ही स्थित शिशु कल्याण केन्द्र में महिलाएं एवं उनके नवजात भर्ती रहते हैं। यह मच्छर पूरे क्षेत्र में बीमारी का कारण बनने के साथ ही अस्पताल में भर्ती लोगों के लिए खतरा बन गए हैं। विडंबना यह है कि प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से आए दिन सफाई व्यवस्था की जांच करने के बाद हालात वही बने हुए हैं। मातृ एवं शिशु कल्याण केन्द्र के पास पनप रहे मच्छरों की फैक्ट्री पर अब तक जिम्मेदार अधिकारियों की नजर नहीं पड़ी। यहां पर पानी की खेली की लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण इसमें करोड़ों की संख्या में मच्छर पानी की ऊपरी सतह पर नजर आने लगे हैं। इतना ही नहीं यहां पर स्थित सीवरेज के दो में से एक चेंबर से पानी के हुए रिसाव से भारी मात्रा में गंदा पानी जमाव हो गया है। एकत्रित गंदा पानी यहां बने पानी के हौद में जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि यह गंदा पानी हौद के पानी को भी खराब कर देता है। इसकी वजह से अक्सर लोग पानी में दुर्गन्ध आने की शिकायत करते हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से संवेदनशील स्थान होने के बाद भी यहां पर सफाई नहीं होने के कारण स्थिति अब भयावह होने लगी है।
इनका कहना है
सफाई व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। हालांकि शिशु कल्याण केन्द्र के पास ऐसा कुछ भी नहीं है। फिर भी इसकी जांच कर व्यवस्था निर्धारित मापदंड के तहत कर दी जाएगी।
डॉ. वी. के. खत्री, पीएमओ, जेएलएन नागौर
इसका भी नहीं रखा ध्यान
नवजात परिस्थिति के अनुसार उन्हें कुछ दिन बाहरी वातावरण के संपर्क में आने से बचाने की हिदायत चिकित्सकों द्वारा दी जाती है। इसके बाद भी शिशु कल्याण केन्द्र पर खतरा बनकर मंडराते इन मच्छरों को समाप्त करने अथवा सफाई के लिए जिम्मेदारों की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जाना लोगों के समझ से परे है।
Published on:
19 Jul 2018 11:02 am

बड़ी खबरें
View Allनागौर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
