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हरिराम बाबा बगीची के महंत की हत्या, गांव में फैली सनसनी

- कुचामके पास ग्राम रसाल गांव में रविवार रात को हुई वारदात - बलाइंड मर्डर बना पुलिस के लिए चुनौती

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  हरिराम बाबा बगीची के महंत की हत्या, गांव में फैली सनसनी

कुचामनसिटी. घटना स्थल पर जुटी भीड़ व तहकीकात करती पुलिस।

कुचामनसिटी. नागौर जिले के कुचामन शहर के निकट ग्राम रसाल गांव में रविवार रात को हरिराम बाबा की बगीची के महंत मोहनदास की अज्ञात लोगों ने हथियार से गोदकर हत्या कर दी।
पुलिस के अनुसार गांव की बगीची में बने मंदिर में पुजारी मोहनदास महंत पिछले चौदह वर्षें से सेवा -पूजा करते थे। वे बगीची में ही रहते थे। सोमवार सुबह बगीची में नजर नहीं आने पर आस-पास के लोगों ने बगीची में जाकर देखा। वहां जमीन पर उनका शव पड़ा था। आंखों पर कपड़े की पट्टी बांधी हुई थी। महंत के गला, हाथ, कमर और पैर अलग-अलग रस्सी से बंधे हुए थे। किसी ने उनकी हथियार से गोदकर हत्या कर दी थी। शव को देखकर ग्रामीणों ने कुचामन थाना पुलिस को हत्या की सूचना दी। महंत की हत्या की खबर फैलते ही गांव में सनसनी फैल गई। काफी संख्या में ग्रामीण व आस-पास के लोग बगीची पहुंचे। कुचामन थानाधिकारी सुरेश चौधरी मय जाप्ता मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर राजकीय चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया। हत्या की सूचना मिलने पर डीडवाना-कुचामन पुलिस अधीक्षक प्रवीण मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली।
इस दौरान परबतसर पूर्व विधायक मानसिंह किनसरिया ने चिकित्सालय पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया । पुलिस से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। इस मौके पर जनप्रतिनिधि मनमोहन दहिया, पूर्व सरपंच भगवान सिंह राठौड़, जवानाराम दहियाए, सुरेंद्र सिंह राठौड़ सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहें।
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पुत्र ने कराया हत्या का मामला दर्ज
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। शव को ग्राम रसाल में समाधि दी गई। महंत मोहनदास के पुत्र ने थाने में रिपोर्ट देर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है।
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महंत ने 14 साल पहले छोड़ दिया था घर
महंत के चार पुत्र व एक पुत्री है, सभी शादीसुदा है। नाथुलाल, हिरालाल, गोपाल तीन पुत्र है तथा एक पुत्र राधेश्याम की मृत्यु हो चुकी है। उनकी पत्नी दाखा देवी का भी पन्द्रह साल पहले निधन हो चुका है। मोहनदास शुरू से ही धार्मिक प्रवृति के रहे। भगवान की पूजा-अर्चना करते थे, लेकिन 14 वर्ष पूर्व घर छोड़कर बगीची में रहना शुरू कर दिया और मंदिर में सेवा पूजा करने लगे।
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बलाइंड मर्डर- पुलिस के सामने चुनौती
महंत हत्या पुलिस के लिए चुनौती बन गई है। ग्रामीणों ने बताया कि उनका विवाद नहीं था। हत्या में एक से अधिक लोग शामिल होने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि उनकी आंखों पर पट्टी बांधी हुई थी तथा गले, हाथ व पैर रस्सी से बांधे हुए थे। ये सब अकेला व्यक्ति नहीं कर सकता।
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इनका कहना

महंत मोहनदास की हुई मृत्यु निंदनीय है। अगर ऐसे संतों व मंहतों की हत्या की जाएगी तो सनातन धर्म पर गलत असर पड़ेगा। आरोपियों कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

अनिल सिंह मेड़तिया,

नेता प्रतिपक्ष, नगरपरिषद, कुचामन सिटी

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इनका कहना
महंत की अकाल मृत्यु की सूचना मिलने से बेहद आहत हुए । आरोपियों पर शीघ्र ही कार्रवाई कर गिरफ्तार करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटना नहीं हो।
मानसिंह किनसरियां,
पूर्व विधायक, परबतसर

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इनका कहना

महंत की हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। रंजिश का मामला तो नहीं लग रहा है। डॉग स्क्वायड व एफएसएल टीम की मदद ली जा रही है। जांच कर शीघ्र ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्रवीण नायक , पुलिस अधीक्षक, जिला डीडवाना-कुचामन सिटी।

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