अवैध संबंध में रुकावट बन रहे ग्यारह साल के बेटे को चलती ट्रेन के आगे धकेलकर मौत की नींद सुलाने के मामले में उसकी कलयुगी मां भी शामिल निकली। लाडनूं थाना पुलिस ने बुधवार को मां को भी गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में पुलिस एक जने को पहले गिरफ्तार कर चुकी
नागौर. अवैध संबंध में रुकावट बन रहे ग्यारह साल के बेटे को चलती ट्रेन के आगे धकेलकर मौत की नींद सुलाने के मामले में उसकी कलयुगी मां भी शामिल निकली। लाडनूं थाना पुलिस ने बुधवार को मां को भी गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में पुलिस एक जने को पहले गिरफ्तार कर चुकी।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी मासूम को मोबाइल दिलाने के बहाने लाया था। बाद में पता चला कि वो ट्रेन की चपेट में आ गया। पहले मामला हादसा या खुदकुशी का लगा, लेकिन पुलिस ने हत्या का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। वारदात में मृतक की मां की भूमिका की भी पुलिस ने पड़ताल शुरू की। दोनों की कॉल डिटेल खंगाली गई। पुलिस को खुनखुना थाना क्षेत्र के बड़ाबरा रेलवे स्टेशन पर ट्रेक के पास देर रात 11 वर्षीय बालक का शव मिला था। तब स्टेशन मास्टर की सूचना पर खुनखुना थानाधिकारी बनवारीलाल मीणा मौके पर पहुंचे और शव को मोर्चरी भिजवाया।
मृतक की पहचान लाडनूं के तितरी गांव के नवदीप सिंह के रूप में हुई है। वह सोमवार को दोपहर दो-ढाई बजे के करीब छोटी खाटू निवासी सीताराम उर्फ सुरेश मेघवाल के साथ कहीं निकला था। उसके परिजन उसकी तलाश में जुटे रहे, इधर उसको सीताराम ने मौत के घाट उतार दिया। सूचना मिलने पर मीणा के साथ डीडवाना सीओ गोमाराम चौधरी व लाडनूं सीआई सुरेंद्र सिंह राव भी मौके पर पहुंचे। एसपी राममूर्ति जोशी के निर्देश पर वारदात की बारीकी से जांच की तो मामला हत्या का निकला। लाडनूं सीआई सुरेंद्र सिंह व खुनखुना प्रभारी बनवारी लाल के नेतृत्व में टीमें गठित कर आरोपी की तलाश शुरू की गई। बाद में सीताराम को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी से पूछताछ और अन्य एंगल से की गई जांच में मासूम की मां शामिल निकली। पुलिस ने बुधवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।
स्टेशन से डेढ़ किलोमीटर पहले रेल के आगे फेंका
सीसीटीवी कैमरे के फुटेज समेत मोबाइल लोकेशन के आधार पर सबकुछ साफ हो गया। रात करीब साढ़े दस बजे रेवाड़ी हिसार जोधपुर एक्सप्रेस आई तो बड़ाबरा स्टेशन से डेढ़ किलोमीटर पहले खाटू की तरफ वाले ट्रेक पर इस ट्रेन के आगे सीताराम ने नवदीप को फेंक दिया और भाग छूटा।
ऐसे चला प्रेम से कत्ल तक का वाकया
मासूम नवदीप का पिता राजू सिंह मस्कट में नौकरी करता था। आरोपी सीताराम कलर-पेंटिंग समेत अन्य मजदूरी करता था, यही काम नवदीप का मामा करता है। दोनों की दोस्ती के चलते उसका नवदीप के घर आना जाना शुरू हो गया और करीब एक साल से उसकी नवदीप की मां से दोस्ती हो गई। नवदीप के एक भाई और बहन है। पूछताछ में पता चला कि सीताराम का घर आना और मोबाइल पर उसकी मां से बात करने का नवदीप सिंह विरोध कर रहा था। इसके चलते सीताराम ने उसकी प्रेमिका के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। सोमवार की दोपहर जब नवदीप घर के बाहर खेल रहा था, उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बिठाकर खुनखुना लाकर मोबाइल दिलवाने का झांसा दिया।