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नागौर नगर परिषद ने विकास के लिए खोजी नई राह, पढ़ें रिपोर्ट… वीडियो भी देखें

नागौर नगर परिषद का वर्ष 2024-25 का वार्षिक बजट पारित हो गया। इस बार शहर के विकास के लिए 6 अरब 17 करोड़ 91 लाख का बजट पारित किया गया। बजट में अहिछत्रपुर आवासीय योजना के मार्फत तीन अरब की प्रस्तावित आय दर्शाई गई।

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नागौर नगर परिषद का वर्ष 2024-25 का वार्षिक बजट पारित हो गया। इस बार शहर के विकास के लिए 6 अरब 17 करोड़ 91 लाख का बजट पारित किया गया। बजट में अहिछत्रपुर आवासीय योजना के मार्फत तीन अरब की प्रस्तावित आय दर्शाई गई। इसके साथ ही परिषद को आवंटित खसरा भूमि की नीलामी कराकर 98 करोड़ 50 लाख की प्रस्तावित आय बताई।


इन पर होगा व्यय
इसी प्रकार व्यय में सिटी मांटेसरी स्कूल अथवा बालवा रोड की प्रस्तावित अहिछत्रपुर आवासीय योजना में नगरपरिषद कार्यालय भवन बनवाने पर 15 करोड़, बालवा रोड पर खसरा नंबर 75 में मृत पशुओं की हड्डी व मलबा निस्तारण के लिए कारकस प्लांट स्थापित करना इसमें शामिल है। इसके साथ ही सफाई कर्मचारियों के 160 पद सृजित कर प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति के लिए राज्य सरकार के समक्ष प्रस्ताव भेज कर भर्ती कराने का प्रयास किया जाएगा। बैठक के दौरान स्थानीय मुद्दों सीवरेज, सफाई एवं सडक़ों की स्थिति को लेकर बहस भी हुई। बाद में सभापति ने सभी क्षेत्रों में समान रूप से विकास कार्य कराने के लिए आश्वस्त किया। इस पर मामला शांत हुआ।
बैठक सभापति मीतू बोथरा की अध्यक्षता में शुरू हुई। सभापति की अनुमति पर वित्त समिति के अध्यक्ष नवरतन बोथरा ने बजट पढ़ा। इसके बाद पार्षदों से सुझाव मांगे गए। बजट को लेकर पार्षद धर्मेन्द्र प्रजापति ने आपत्ति जताई कि पहले भी इसी तरह का बजट पारित हुआ था, लेकिन हुआ कुछ नहीं।
बोथरा ने कहा कि बजट के अनुसार विकास कराने के प्रयास पूरे किए जाते हैं, लेकिन इसमें बाधाएं उत्पन्न कर दी जाती है। इस बार भी बजट के अनुसार काम करने का पूरा प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अहिछत्रपुर आवासीय योजना के स्थगनादेश को निरस्त कराने के प्रयास किए जाएंगे। यह नगरपरिषद का ड्रीम प्रोजेक्ट है। बैठक में कार्यवाहक आयुक्त के तौर पर शामिल हुए लेखाधिकारी रमेश रिणवा ने कहा कि बजट के अनुसार योजना का क्रियान्वयन करने का प्रयास रहेगा। सीवरेज सफाई, गंदगी या अतिक्रमण आदि की शिकायत के लिए हेल्प डेस्क सेंटर बनाना प्रस्तावित किया गया है। इसके बनने पर लोग दूरभाष पर ही अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

मशीन की होगी खरीद
सीवरेज सफाई के लिए मेटल डिटेक्टर एवं सक्शन मशीन क्रय की जाएगी। सफाई व्यवस्था में लगे सभी वाहनों में जीपीएस लगाया जाना प्रस्तावित है।

इससे मिलेगी आमजन को राहत
विजयवल्लभ चौराहा से मूण्डवा चौराहा, मानासर तक डिवाइडरमय फोरलेन होने में अनुमानित 3100 लाख रुपए व्यय होना दर्शाया गया है। दुलाया के पास सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, हाउसिंग बोर्ड के पास डंपिंग स्टेशन का निर्माण कार्य इसी वर्ष मार्च माह तक पूर्ण करने के लिए संबंधित एजेंंसी को पाबंद किया जा चुका है। बालवा रोड पर आठ एमएलडी एसटीपी प्लांट के अपग्रेड का कार्य किया रहा है। बासनी रोड आकाशवाणी के पास तीन एमएलडी एसपीएस एवं रामदेव पशु मेला तीन एमएलडी एसटी का निर्माण कार्य प्रस्तावित है। इसी तरह बख्तासागर तालाब के पुनर्रोद्धार के लिए 192 लाख की स्वीकृति राज्य सरकार से मिल चुकी है। अब तक 71.07 लाख खर्च हो चुके हैं। शेष कार्य के लिए संबंधित एजेंसी को निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके साथ ही प्रतापसागर, गिनाणी तालाब, दुलाया तालाब एवं समस तालाब का भी पुनर्रोद्धार कार्य कराया जाना प्रस्तावित है। दुलाया तालाब के लिए जे.एस.डब्ल्यू एवं समस तालाब के लिए अंबुजा के सहयोग से इसको बेहतर स्वरूप दिया जाएगा। इसके साथ ही शहर के जल भराव वाले क्षेत्रों में डीपीआर बनाकर आवश्यक कार्य किया जाएगा। पुराना हॉस्पिटल में मातृत्व एवं शिशु केन्द्र स्थापित करने के लिए वहां पर रखरखाव एवं मरम्मत का कार्य किया जा रहा है।

इन जमीनों की नीलामी से मिलेगा करोड़ों का राजस्व
बजट बैठक में खसरा नम्बर 421 रकबा 50 बीघा 11 बिस्वा, खसरा नम्बर 572 रकबा 33 बीघा 13 बिस्वा, खसरा नम्बर 73 रकबा 23 बीघा 13 बिस्वा, खसरा 381/890 रकबा 5 बीघा 5 बिस्वा, खसरा नम्बर 138 रकबा 6 बीघा एवं खसरा नम्बर 1825/81 में से 69 बीघा 9 बिस्वा भूमि नगरपरिषद को जिला प्रशासन जल्द हस्तांतरित कर दे तो फिर इनसे परिषद को करोड़ों का राजस्व लाभ होगा। इसके लिए नगरपरिषद की ओर से जिला प्रशासन से संपर्क कर समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।

इस पर भी हुई चर्चा
बैठक में शहर के पेराफेरी क्षेत्र की खुली भूमि अब तक नगरपरिषद को प्रशासन की ओर से हस्तांतरित करने की कार्रवाई नहीं करने से इस पर कब्जे होने लगे हैं। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत कर इसका निस्तारण कराने का प्रयास किया जाएगा। चर्चा में कहा गया कि राजकीय भूमि मिलने से परिषद की आय बढ़ेगी। इसके साथ ही साथ ही खसरा 381 रकबा 3.1808 हैक्टर व खसरा नम्बर 383 रकबा 2.9560 हैक्टर भूमि आवासीय एवं वाणिज्यक योजना तैयार कर जिला कलक्टर को हस्तान्तरण के लिए भिजवाया जाना प्रस्तावित है।

सीवरेज ट्रीटमेंट वाटर से भी होगी आय
बजट में बताया गया कि बालवा रोड स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट वाटर की आपूर्ति को लेकर जेएसडब्ल्यू कंपनी समझौता प्रस्तावित है। इसके बाद परिषद को पहले वर्ष ही इससे 48 लाख की आय होगी। इसके अलावा शहर के रख-रखाव एवं सफाई व्यवस्था के लिए भी कंपनी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी।

सडक़-सीवरेज पर गरमा गरम बहस
बैठक में सडक़, सफाई व्यवस्था एवं सीवरेज को लेकर पार्षद धर्मेन्द्र पंवार ने आपत्ति जताई कि शहर की व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। पार्षद जगदीश कुरडिय़ा ने विकास कार्यों को लेकर भेदभाव का आरोप लगाया। पार्षद मकबूल अहमद ने गिनाणी तालाब के सौन्दर्यीकरण व खसरा नंबर 421 को आबादी क्षेत्र घोषित करने का मामला उठाया। पार्षद गोविंद कड़वा ने दीप कॉलोनी में सीवरेज लाइन डलवाने एवं लोगों को पट्टे जारी करने की मांग उठाई। पार्षदों का कहना था कि मृत पशुओं का ठेकेदार उनके फोन तक नहीं उठाता। कचरा प्रबंधन मशीन का इस्तेमाल नहीं होने से कबाड़ हो रही है। पार्षद दीनदयाल ने किदवई कॉलोनी में सीवरेज जाम की समस्या का मामला उठाया।

इस पर हो गई सहमति
बैठक में सर्वसम्मति से कलक्ट्रेट चौराहे को श्रीराम चौराहा घोषित करने व नागौर शहर के भीतरी परकोटे के सात द्वार पर उन द्वारों के नाम बड़े अक्षरों में अंकित करने का प्रस्ताव लिया गया। प्रस्ताव पार्षद यतीराज धनावत ने रखा।