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नप बैठक में विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की गूंज, पार्षदों के आरोप सुन बैठक से निकले आयुक्त

नागौर नगर परिषद की साधारण सभा में जमकर हंगामा, वॉल पेंटिंग के भुगतान को लेकर भिड़े आयुक्त व पार्षद, हंगामे की भेंट चढ़ गई नगर परिषद की बैठक।

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uproar in nagaur nagar parishad meeting

Nagaur Nagar Parishad

नागौर. शौर-शराबा, आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच सोमवार को सभापति कृपाराम सोलंकी की अध्यक्षता में आयोजित Nagaur नगर परिषद की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। पार्षदों ने आयुक्त श्रवण चौधरी पर नियमोंं को ताक पर रख फर्म को वॉल पेंटिंग का भुगतान करने का आरोप लगाया तो आयुक्त ने भी पार्षदों के गलत काम नहीं करने पर बैठक में ज्यादा बोलने का आरोप जड़ दिया। हंगामे के बीच पार्षदों के अपनी अपनी ढपली अपना राग की तर्ज पर बोलने और आयुक्त के उनको सुनकर नजरअंदाज करने से तय एजेंडा शौर शराबे में कहीं गुम सा हो गया।
समक्ष स्तर पर करवा लो जांच
अपराह्न करीब 3.10 बजे बैठक शुरू होते ही आयुक्त चौधरी ने विकास कार्यों की जानकारी दी। नगर परिषद नेता प्रतिपक्ष ओमप्रकाश सांखला ने आयुक्त पर वॉल पेंटिंग का भुगतान नियम विरुद्ध करने का आरोप लगाया। कुछ अन्य पार्षदों ने भी आरोपों को दोहराते हुए लोकायुक्त व एसीडी से जांच की मांग कर दी। इस पर सभापति सोलंकी आयुक्त चौधरी ने कहा कि कहीं गड़बड़ हुई है तो सक्षम स्तर पर जांच करवा लेंगे। काफी देर तक हंगामा जारी रहा तो आयुक्त बैठक छोड़कर चले गए, कर्मचारी भी उनके पीछे बाहर निकल गए। करीब पांच मिनट बाद 3.42 बजे आयुक्त वापस लौटे।
शहर को कर रहे गुमराह
बैठक के एजेंडे के बिन्दुओं पर चर्चा के दौरान एक बार फिर आयुक्त और पार्षदों के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई। नेता प्रतिपक्ष सांखला ने आरोप लगाया कि पेंटिंग के भुगतान में कमीशन की जमकर बंदरबांट हुई और भ्रष्टाचार किया गया। भुगतान का प्रस्ताव पिछली बैठक में लिया ही नहीं गया तो प्रोसेडिंग में शामिल कैसे कर लिया। आरएसएस के शिविर के बहाने 110 गुना अधिक रेट पर 17 लाख रुपए का भुगतान किया गया जबकि पेंटिंग तीन चार लाख रुपए की भी नहीं है। चुपके से भुगतान कर सदन व शहर को गुमराह किया जा रहा है। आरटीआई में जानकारी नहीं दी जा रही है।
प्रस्ताव लिया तो सीडी दिखाओ
बैठक के दौरान पार्षद लालचंद आयुक्त पर चहेतों के वार्ड में काम करने व मनमर्जी से अपने लोगों के भुगतान करने का आरोप लगाते हुए लॉबी में पहुंच गए और पिछली बैठकों की सीडी दिखाने की मांग करने लगे। इसके बाद पार्षद मुजाहिद व पार्षद कैलाश पंवार ने विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाया। भागचंद व मुजाहिद ने कहा कि दीपों का त्योहार आने वाला है और शहर में लाइट की कोई व्यवस्था नहीं है, शहर अंधेरे में डूबा है। नेता प्रतिपक्ष सांखला ने कहा कि नालों की सफाई करवाए बिना भुगतान कर दिया, उनके वार्ड में नालों की सफाई नहीं हुई।
आयुक्त के साथ नौंक झौंक
उप सभापति इस्लामुद्दीन की किसी टिप्पणी पर नाराज आयुक्त चौधरी ने मर्यादित व संयमित बोलने की बात कही। पार्षद कैलाश पंवार ने कहा कि समान रूप से काम करवाओ, उनके वार्ड के लिए तकमीना तक नहीं बनाया जा रहा है। सांखला ने कहा कि विकास शाखा का ध्यान केवल कमीशन पर है, ऐसा लगता है विकास शाखा आयुक्त के कंट्रोल में नहीं है और विकास कार्यों में भ्रष्टाचार चरम पर है। पार्षदों ने वार्ड संख्या 22, 25, 28 व 29 में सड़क निर्माण, सफाई, रोड लाइट, जलापूर्ति, गंदे नालों की सफाई के मुद्दे उठाए।
15 बार लिखित में दिया, काम नहीं हुआ
पार्षद मुजाहिद इस्लाम ने कहा कि उन्होंने 15 बार लिखित में दे दिया, व्यक्तिगत रूप से भी बताया लेकिन आज तक वार्ड में काम नहीं हुए। टेंडर होते हैं, लेकिन काम नहीं। शहर का ह्दय स्थल गांधी चौक अंधेरे में है, ए व बी रोड टूटी पड़ी है। पार्षद पप्पू तंवर ने कहा कि सड़कों के टेंडर हो गए लेकिन काम नहीं हुआ। सभापति सोलंकी ने कहा कि टेंडर होने के बाद भी काम नहीं होने की शिकायतें क्यों आ रही है। जहां जरुरत है वहां काम करवाएं। पार्षद मनोहरसिंह ने कहा कि नगरपालिका एक्ट में सबको बोलने का अवसर देने का प्रावधान है, इसलिए सबको अपनी बात रखनी चाहिए।


बैठक में लिए ये प्रस्ताव
-आरओबी निर्माण के चलते जरुरत पडऩे पर सुगनसिंह मूर्ति को अन्यंत्र शिफ्ट करना।
-वार्ड में आयुक्त, सभापति, पार्षद के नाम व नम्बर वाले 2 या 3 बोर्ड लगवाना।
-हाई कोर्ट में नियुक्त अधिवक्ता को बदलने के लिए डीएलबी को पत्र लिखना।
-निजी आय के लिए बख्तसागर के पास कॉमर्शियल दुकानों की नीलामी करना।
-नगर परिषद को भूमि हस्तांतरित करने के लिए प्रस्ताव भिजवाना।
-सरस बूथ के लिए बैठक में स्वीकृति मिलने के बाद अनुमति जारी करना।
-एलईडी लाइटों की समस्या का समाधान कर नई लाइटें लगवाना।

पार्षद: नगर परिषद आयुक्त विकास कार्यों में कर रहे मनमानी।
सभापति: जहां भी आवश्यक हो विकास के कार्य करवाएं जाएं।
आयुक्त: अनियमितता नहीं हुई,गलत काम नहीं होने से पार्षद खफा।