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घुड़सवारी में देशभर में नाम कमा रही नागौर की बेटी साईमा

इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता (National Championship) में साइमा देश की एक मात्र महिला राइडर (Nations First Lady Houre Rider) रही जो 40 किमी में क्वालीफाई करके 60 किमी की स्पर्धा के लिए योग्यता हासिल कर सकी।

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Nagaur's daughter Saima earning a name in the country in horse riding

घुड़सवारी में देशभर में नाम कमा रही नागौर की बेटी साईमा

बड़ीखाटू (नागौर). बड़ी खाटू कस्बे की बेटी साईमा सैयद घुड़सवारी में नागौर जिले का नाम रोशन कर रही है। इन दिनों वह 80 किलोमीटर रेस की तैयारियों में जुटी हुई है। साईमा के अनुसार कोरोना संक्रमण के दौरान उन जैसे खिलाड़ी लंबे समय तक नियमित अभ्यास नहीं कर पाए।

अब लॉकडाउन में कुछ छूट मिलने पर नए सिरे से अभ्यास शुरू किया है। ऐण्डुरंस राइड में नेशनल चैंपियन साईमा का मानना है कि घुड़सवारी में घोड़े और घुड़सवार के बीच शानदार सामंजस्य होना बेहद जरूरी है। बड़ीखाटू निवासी साईमा देश की प्रमुख महिला घुड़सवार है। जिसने एक ही सत्र में 40 और 60 किलोमीटर की रेस जीती है। अब वह 80 किलोमीटर रेस की तैयारियां कर रही है। यह रेस जीतने पर वह वन स्टार राइडर बन जाएगी।

मेरठ में जीत चुकी बेस्‍ट राइडर का खिताब

इससे पहले महाराष्ट्र के मेरठ में आयोजित नेशनल एंड्यूरेंस चैंपियनशिप में घुड़सवार साइमा सैयद ने शानदार प्रदर्शन किया। सायमा ने 60 किमी एंड्यूरेंस रेस में पहला स्थान प्राप्त किया और गोल्ड मेडल हासिल किया। साइमा को बेस्ट राइडर का खिताब दिया गया। साइमा ने 80 किमी स्पर्धा के लिए क्वालीफाई कर लिया है।

इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में साइमा देश की एक मात्र महिला राइडर रही जो 40 किमी में क्वालीफाई करके 60 किमी की स्पर्धा के लिए योग्यता हासिल कर सकी। इंडगेनोस हॉर्स ऑनर्स एसोसिएशन और महाराष्ट्र इक्वेस्ट्रियन ग्रुप की मेजबानी में आयोजित प्रतियोगिता में 20, 40 और 60 किमी स्पर्धाओं में देश भर के घुड़सवारों ने भाग लिया। चुनौतीपूर्ण ट्रैक पर 20 और 40 किमी की स्पर्धा तो कई घुड़सवारों ने पूरी की लेकिन 60 किलोमीटर की स्पर्धा महज साइमा ही पूरी कर सकी। आयोजकों ने उन्हें नकद पुरस्कार भी दिया।

वन स्टार बनने का मार्ग प्रशस्त

एंडोरेंस रेस में शिरकत करने वाले हर घुड़सवार की इच्छा होती है कि वह वन स्टार बने। वन स्टार बनने के लिए पहले 40 किमी व 60 किमी रेस में क्वालीफाई करना होता है। तत्पश्चात 80 किमी की 2 प्रतियोगिताओं में क्वालीफाई करना आवश्यक होता है। ऐसे में अब साइमा सैयद 80 किमी प्रतिस्पर्धा में भाग लेगी।

प्रशिक्षकों की रही अहम भूमिका: घुड़सवार सायमा पिछले कुछ वर्षों से चौपासनी के मयूर स्कूल में पढ़ते हुए प्रशिक्षक रेवताराम से घुड़सवारी का प्रशिक्षण लिया था, लेकिन अग्रिम प्रशिक्षण के लिए उसे स्पर्धा के विशेषज्ञ प्रशिक्षक की आवश्यकता थी। इस पर उसने गौरव जोशी व बाद में अहमदाबाद के एचआरजी ग्रुप के प्रशिक्षक करण पटेल और उनके साथियों से भी प्रशिक्षण लिया।