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जिलेभर में धूमधाम से मनाई जा रही निर्जला एकादशी
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नागौर

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Mohummed Razaullah

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Updated: 23 Jun 2018, 10:08 AM IST

Nagaur news

Nagaur hindi news

नागौर. निर्जला एकादशी का धार्मिक पर्व जिलेभर में धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। श्रद्धालु कहीं मंदिरों में भजन कीर्तन कर रहें हैं तो कहीं घरों में दान कर पुण्य लाभ कमा रहे है। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों व लोगों की ओर से शहरभर में शर्बत, शिकंजी, पानी सहित अन्य चीजों की स्टॉले भी लगाई गई है। चेनार स्थित हनुमान मंदिर के पूजारी रामनिवास ने बताया कि हिन्दू धर्म में एकादशी का बहुत महत्व हैं। प्रत्येक वर्ष चौबीस एकादशियां होती हैं। जब अधिकमास या मलमास आता है तब इनकी संख्या बढकऱ 26 हो जाती है। ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी निर्जला या भीमसेनी एकादशी कहलाती है। इस एकादशी का व्रत करने से 24 एकादशियों के व्रत के समान फल मिलता है। इस दिन व्रत करने से कई जन्मों के पापों का नाश होता है। वास्तव में निर्जला व्रत यानि बिना जल के व्रत रहा जाये। फिर भी अपने स्वास्थ्य को देखते हुए फलाहारी व्रत रख सकते हैं। उपवास का तात्पर्य है भगवान के साथ वास। इन्द्रियों को नियंत्रित करते हुए भगवान विष्णु के प्रति पूर्ण समर्पण का भाव रखते हुए हरि कीर्तन, हरि स्मरण और प्रत्येक पल भगवान के लिए जीना यही व्रत का नियम है। पूजारी ने बतााया कि इस दिन रात्री जागरण का विशेष महत्व होता है। वहीं बंशीवाला मंदिर में निर्जला एकादशी का पर्व रविवार को मनाया जाएगा। पुजारी सीताराम व महेश ने बताया कि इस दौरान भगवान की पूजा आरती के बाद धर्मपुण्य किया जाएगा।

पेंशनर समाज पिला रहा मिल्करोज
राजस्थान पेन्शन समाज के सचिव मोतीलाल चंदेल ने बताया कि निर्जला एकादशी के अवसर पर शनिवार को पेन्शनर समाज की ओर से कलक्ट्रेट के बाहर आमजन को मिल्करोज पिलाया जा रहा है।

राशि के अनुसार कर रहे दान
मेष- गेहूं, गुड़, लालवस्तु, रक्तदान
वृष- इत्र, सफेद वस्त्र, शक्कर, अंधे गरीब व्यक्ति को अन्न, वस्त्र का दान
मिथुन- वस्त्र, गाय को पालक खिलाना, चिडिय़ों को दाना पानी, अन्न दान
कर्क- चांदी का चंद्रमा, धार्मिक पुस्तक, अन्न और वस्त्र
सिंह- ताम्र पात्र, बर्तन, गेहूं, गुड़
कन्या- वस्त्र, अन्न, चांदी, गाय को हरा चारा
तुला- चांदी, स्टील के बर्तन, अन्न दान, मीठा और जल
वृश्चिक- रक्तदान, गेहूं, गुड़, अन्न दान
धनु- धार्मिक पुस्तक, कलम, अन्न और वस्त्र
मकर- लोहे की बाल्टी, अन्न दान, मीठा और जल
कुंभ- लोहे की वस्तु, गरीबों में भोजन का दान, अन्न दान
मीन- धार्मिक पुस्तक, अन्न दान, राहगीरों को मीठा व जल का दान, छाता का दान