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पत्रिका अभियान – आवंटी मांगे न्याय : आवासन मंडल के पार्कों से हरियाली गायब

कॉलोनी में पौधे लगाकर भूले ठेकेदार, लाखों देकर भी नहीं करवाई शर्तों को पालना
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नागौर

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Dharmendra Gaur

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Updated: 17 Dec 2019, 1:01 PM IST

पत्रिका अभियान - आवंटी मांगे न्याय : आवासन मंडल के पार्कों से हरियाली गायब

No Greenery in Rajasthan Housing Board Park Nagaur

नागौर. शहर के बालवा रोड स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में पार्कों की हरियाली जिम्मेदारों की लापरवाही की भेंट चढ गई। करीब छह साल पहले कॉलोनी के चार ब्लॉक में स्थित पार्कों को आज भी हरियाली का इंतजार है। वर्ष 2012-13 में ठेकेदार ने पौधों को डालकर रखी जाने वाली थैली हटाए बिना ही छोटे से गड्ढे में पौधे लगा दिए। जिसके चलते पौधे पनप नहीं पाए और समय से पहले ही जल गए तो कुछ टेढे हो गए। सूत्रों के अनुसार निविदा शर्तों की पालना नहीं होने के बावजूद पौधरोपण का करीब आठ लाख से अधिक भुगतान किया गया। इसके बाद फिर जुलाई 2018 में कॉलोनी के पार्कों को हरा भरा करने के लिए ठेका दिया लेकिन एक साल बाद भी ठेकेदार ने पौधे नहीं लगाए।

नियमानुसार बड़े हुए नहीं पौधे

पार्कों में पौधे लगाने के नाम पर करीब दस लाख रुपए खर्च करने के बावजूद यहां पौधों के नाम पर केवल आक, बबूल व अन्य प्रकार की वनस्पति ही दिखाई दे रही है। निविदा की शर्तों के मुताबिक दो साल तक पौधों की कटाई-छंटाई, जंगली घास की खरपतवार, लेवलिंग, ड्रेसिंग आदि कार्य करने थे। पहले साल प्रत्येक माह में आठ बार पौधों को पानी देने की शर्त थी लेकिन समय पर पानी नहीं मिलने के कारण पौधों की वृद्धि रुक गई और उनमें से नीम जैसे कम पानी से पनपने वाले कुछ पौधे ही जिंदा रह पाए। मकान आवंटन के समय लोगों को विकसित पार्क समेत अन्य सुविधाएं देने का झांसा दिया गया लेकिन पार्कों के नाम पर केवल झाड़-झंकाड़ है।

थैली समेत लगा दिए पौधे

कॉलोनी स्थित जीएलआर परिसर में लगे पौधे एक के बाद एक उखड़ गए और पौधे थैली सहित बाहर निकलकर नष्ट हो गए। बारिश के दिनों में मिट्टी बहने से भी पौधे उखड़ गए,जिन्हें काफी समय तक रस्सी के सहारे बांधकर रखा गया लेकिन तेज हवा में फिर गिर गए। निविदा शर्तों के अनुसार दो साल में पौधों की ऊंचाई 6 से नौ फीट होनी चाहिए थी, लेकिन आज भी कई पौधे ऐसे हैं, जिनकी लम्बाई इतनी नहीं है। इसके बाद एक बार फिर आवासन मंडल ने पार्कों को हरा भरा करने के लिए करीब तीन लाख रुपए का ठेका साल भर पहले दिया लेकिन बारिश का सीजन निकल जाने के बावजूद ठेकेदार ने पौधे नहीं लगाए।

हरियाली के नाम पर झाडिय़ां

आवासन मंडल ने बड़े-बड़े सपने दिखाए लेकिन सुविधाओं के नाम पर कॉलोनी में कुछ भी नहीं है। मकान बेचने से पहले पार्क विकसित करने की बात कही लेकिन पार्क में हरियाली के नाम पर केवल टूटी चार दीवारी में खड़ी झाडिय़ां व इक्के-दुक्के पौधे नजर आ रहे हैं।

हरेन्द्र बारोडिय़ा, आवंटी