नागौर

लवणीय मिट्टी में किसान कर रहे मीठे मटरों की पैदावार

—कमा रहे अच्छा मुनाफा, खेत तलाई हो रही कारगर नागौर जिले के लोहराणा गांव के किसान खेमाराम भटेसर ने लवणीय मिट्टी में मीठे मटर की खेती कर हौसलों की नई इबारत लिखी है। यहां किसान प्रकृति के संकेतों को समझकर खेती में डबल मुनाफा ले रहे है।

2 min read
Jan 17, 2023
लवणीय मिट्टी में किसान कर रहे मीठे मटरों की पैदावार

15 बीघा में हो रही हरे मटर की खेती
तीन किसानों ने 15 बीघा में वैज्ञानिक तरीके से हरे मटर की खेती की है। पिछले वर्ष किसान ने तरबूज और मटर की खेती से अच्छा मुनाफा लिया था। वे हर साल परंपरागत बाजरा, जौ, गेहूं, सरसों के साथ मूंगफ ली की फसल भी लेते हैं।

फॉर्म पौंड साबित हुआ मील का पत्थर
किसान ने बताया कि पास में खारे पानी की सांभर झील होने के कारण यहां के कुओं में फ्लोराइड की मात्रा अधिक है। जिस कारण किसान लवणीय मिट्टी से अच्छी फसल नहीं ले पाते। खेमाराम ने तीन साल पहले फॉर्म पौंड बनाया। यह हर साल बारिश के सीजन में लबालब भर जाता है। मीठे पानी से मूंगफ ली, तरबूज व मटर की खेती ले रहे हैं।

कमाई के साथ डबल फायदा
मटर के हरे पौधों का उपयोग मवेशियों के लिए हरा चारा व हरी खाद बनाने के काम आता है। पकी हुई मटर की फ लियों से भूसा और दाना दोनों ही प्राप्त हो जाते हैं। भूसा जानवरों का एक स्वादिष्ट भोजन होता है।

40 रुपए तक भाव, हो रहा अच्छा मुनाफा
किसान ने बताया कि मटर की फलियां थोक में 20-25 रुपए और खुले में 35-40 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिक रही है। मीठे स्वाद के कारण खरीददार खेत में पहुंच रहे हैं। मटर की व्यावसायिक खेती से किसान को अच्छा मुनाफा हो रहा है। मटर की तुड़ाई में सात-आठ महिलाओं को भी रोजगार मिला हुआ है।

कम पानी में हो रही फसल तैयार
किसान ने बताया कि इस फ सल को सिंचाई की विशेष जरूरत नहीं पड़ती, ठंड के मौसम में खेत में पर्याप्त नमी रहती है गहरी दोमट मिट्टी इसके लिए सबसे अच्छी रहती है। मटर के लिए भूमि को अच्छी तरह तैयार करना चाहिए। अच्छे अंकुरण के लिए मिट्टी में नमी होना जरुरी है।

बढ़ती है नाइट्रोजन शक्ति
मटर की खेती से कम समय में पैदावार प्राप्त की जा सकती है । ये भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने में भी सहायक है। मटर में मौजूद राइजोबियम जीवाणु नाइट्रोजन स्थिरीकरण करते हैं, जिससे भूमि की नाइट्रोजन शक्ति बढ़ती है।
सरला कुमावत, सहायक कृषि अधिकारी, नावां

मोतीराम प्रजापत —चौसला

Published on:
17 Jan 2023 03:54 pm
Also Read
View All

अगली खबर