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जैनाचार्य जयमल महाराज का स्मृति दिवस तप-त्याग पूर्वक मनाया गया

Nagaur. जयमल जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में हुए विभिन्न आयोजननृसिंह चतुर्दशी को 31 दिन के संथारे के साथ नागौर में ही जैनाचार्य का हुआ था देवलोकगमन

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The memorial day of Jainacharya Jaimal Maharaj was celebrated with austerity

Devotees chanting on the occasion of Memorial Day at Jaimal Jain Poushdashala

नागौर. श्वेतांबर स्थानकवासी जयमल जैन श्रावक संघ के तत्वावधान में आचार्य सम्राट जयमल जैन महाराज का स्मृति दिवस रविवार को तप-त्याग पूर्वक मनाया गया। इस दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मूक पशु-पक्षियों की सेवा की गई। इसमें संघ मंत्री हरकचंद ललवानी, मूलचंद ललवानी, संगीता चौरडिय़ा, नगराज ललवानी, रीता ललवानी, सीमा चौरडिय़ा आदि शामिल थे।
जय-जाप का हुआ अनुष्ठान
सुबह साढ़े दस से साढ़े 11 बजे तक आचार्य जयमल जैन मार्ग स्थित जयमल जैन पौषधशाला में महाचमत्कारिक जय-जाप का अनुष्ठान किया गया। उपस्थित धर्मावलंबियों को महावीरचंद भूरट, धनराज सुराणा व उमरावबाई मोदी की ओर से प्रभावना वितरित की गई। इस दौरान जैनाचार्य का गुणगान भी किया गया। गौरतलब है कि 31 दिन के संथारे के साथ विक्रम संवत 1853 नृसिंह चतुर्दशी को नागौर में ही आचार्य का देवलोकगमन हुआ था। कार्यक्रम में संघ प्रवक्ता संजय पींचा, गौतमचंद बाघमार सहित प्रकाशचंद बोहरा, पारस कोठारी, चंपालाल जांगिड़, कमल ललवानी, जितेंद्र चौरडिय़ा, रसीला सुराणा, संगीता ललवानी, ललिता छल्लानी, कोमल नाहटा, सरोज गोलछा, मंजू देवी ललवानी आदि श्रावक-श्राविकाएं मौजूद थीं।

वैष्णव धनावंशी स्वामी समाज के कार्यक्रम 17 व 18 को
नागौर. श्री धनावंशी स्वामी महासभा ट्रस्ट की ओर से 17 एवं 18 मई को कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम के तहत देशभर से वैष्णव धनावंशी स्वामी समाज के लोग धुआं कलां एकत्रित होंगे। ट्रस्ट के अध्यक्ष सुभाष चन्द्र जाखड़ ने बताया कि यहां पर 17 को धार्मिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। 18 मई को सुबह सात बजे सनातन यज्ञ के पश्चात धनाजी मंदिर परिसर में नवनिर्मित सत्संग भवन का लोकार्पण किया जाएगा। इस दौरान समाज के 80 से अधिक दानदाताओं, महंतादि विशिष्ट जनों का सम्मान होगा। इसके अनंतर स्वामी समाज के वृहद समागम में पंथ की धार्मिक आध्यात्मिक गतिविधियों पर प्रकाश डाला जाएगा। यहां पर सभी के आवास एवं भोजन आदि की व्यवस्था मंदिर के निकट ही रहेगी।