धरणार्थियों से हुई वार्ता रही सिफर -नेता प्रतिपक्ष ने कहा मांगे नहीं मानी तो 28 को दिखाएगें गहलोत को काले झण्डे पूर्व विधायक हरीश कुमावत के पुत्र राजेन्द्र मारवाल ने मुण्डण्या सिर
कुचामनसिटी. शहर के तहसील परिसर के बाहर नगरपरिषद आयुक्त व सभापति के खिलाफ चल रहे धरने के दौरान गुरुवार को दो कार्यकर्ताओं ने अनशन शुरू कर दिया। भाजपा पार्षद व कार्यकर्ता नेता प्रतिपक्ष अनिल सिंह के नेतृत्व में 10 दिन पूर्व तहसील कार्यालय के बाहर धरना शुरू किया था। इस अवसर पर पूर्व विधायक विजय सिंह चौधरी, जिला परिषद सदस्य नागौर बाबूलाल कुमावत पलाड़ा, ओबासी मोर्चा जिलाध्यक्ष राजाराम प्रजापत, भाजपा किसान मोर्चा बीकानेर संभाग प्रभारी ज्ञानाराम रणवां, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष डॉ. रजनी गावडि़या, डॉ. बी एल गावडिय़ा, भाजपा मंडल अध्यक्ष मूलचंद बागड़ा धरने में शरीक हुए। इस मौके पर पार्षद सुरेश सिखवाल, अयूब शेख, नरसी कुमावत, भागीरथ कुमावत, छितरमल कुमावत, तुलछीराम कुमावत, बाबूलाल मारवाड़ा, खेताराम सिसोदिया, अशोक कुमार चावला, प्रमोद आर्य, गौतम चन्देलिया, सुरेन्द्र सिंह शेखावत, किशन गुर्जर, मुन्ना अग्रवाल, देशी गुर्जर, मनीष मोर, सुरेन्द्र सिंह दीपपुरा, अंकित सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मूण्डन करवाकर अनशन शुरू मूण्डन करवाते राजेन्द्र मारवाल
धरणार्थियों की मांगों पर प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं करने पर गुरुवार को पूर्व विधायक हरीश कुमावत के पुत्र राजेन्द्र मारवाल सिर मुण्डवाकर एक दिन के अनशन पर बैठ गए। पार्षद खेताराम सिसोदिया अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया।
आज करेंगे घेराव
भाजपाइयों ने बताया कि प्रशासन के किसी भी अधिकारी ने नौ दिन में धरनास्थल पर आकर समस्या नहीं पूछी है। मांगो को लेकर कई बार लिखित में अवगत करा दिया गया है, लेेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। शुक्रवार को सभी भाजपा कार्यकर्ता नगरपरिषद का घेराव कर प्रदर्शन करेंगे मेड़तिया ने बताया कि प्रशासन ने हमारी मांगे नहीं मानी तो 28 मई को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मौलासर कार्यक्रम में झण्डे दिखाकर विरोध किया जाएगा।
वार्ता रही विफल
धरणार्थियों ने नव नियुक्त ओएसडी सीताराम जाट को ज्ञापन दिया । इसके बाद गुरुवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर कमला अलारिया ने अपने कक्ष में पांच सदस्यों के साथ बैठक की। इसमें उपखण्ड अधिकारी मनोज कुमार व तहसीलदार कुलदीप चौधरी भी शामिल रहे। बैठक में अनिल सिंह ने भ्रष्टाचार की जांच कराने मांग रखने के साथ ही पूर्व में दी गई शिकायतों की जांच रिपोर्ट मांगी। एडीएम ने आयुक्त को फोन कर रिपोर्ट मांगी तथा धरणार्थियों को आश्वासन दिया कि डीएलबी को पत्र लिखकर शीघ्र ही जांच करवाएंगे। करीब 25 मिनट चली वार्ता का रिजल्ट सिफर रहा। धरणार्थियों ने अनशन पर बैठने की कार्रवाई शुरू कर दी।