राजवीर रोज
खजवाना(नागौर). स्वच्छ भारत मिशन अभियान गांवों के लिए मील का पत्थर साबित होने लगे हैं। मिशन के तहत शौचालय निर्माण और उनके उपयोग से गांव खुले में शौच मुक्त हुए हैं। ग्राम पंचायत व सामुदायिक सहभागिता से पारम्परिक पेयजल स्त्रोत तालाबों की दशा भी सुधरने लगी है। नागौर जिले में कई ग्राम पंचायतों ने स्वच्छता पर विशेष काम कर गांव की कायापलट दी है।
मूण्डवाउपखण्ड की रूण ग्राम पंचायत की सरपंच इन्द्रा देवी व ग्राम विकास अधिकारी राजेन्द्र मिर्धा ने इस कार्य को इनेसेटिव लेते हुए गांव के रत्नासागर तालाब को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया है। किसी समय वीरान पड़ी इस भूमि को योजनाबद्ध तरीके से विकसित कर स्वच्छता के क्षेत्र में मिशाल पेश की है। पंचायत ने रत्नासागर तालाब के किनारे 75 लाख रुपए खर्च कर गार्डन विकसित किया है। इसमें दो साल का समय लगा। साथ ही 14 सौ बीघा अंगोर भूमि से अंग्रेजी बबूल कटवाकर तालाब में पानी आवक के मार्ग को सुगम किया है। पार्क में धूब, छायादार पौधे, सीढ़ियां, सीसी ब्लॉक, ब्रिज सहित पौराणिक छतरियों का सौंदर्यीकरण कार्य करवाया गया है।
पेयजल किल्लत से मिलेगी निजात
तालाब में बरसाती पानी की आवक में अंग्रेजी बबूल बाधा बन रहे थे। ग्राम पंचायत ने जन सहयोग व सरकारी योजनाओं का समावेश करते हुए तालाब के पास स्थित करीब 1400 बीघा सरकारी भूमि को अंग्रेजी बबूल मुक्त कर दिया है। अब इस भूमि का बरसाती पानी बिना रूकावट के तालाब में आएगा, जिससे पेयजल किल्लत से भी निजात मिलेगी।
पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हुआ गार्डन
तालाब के संरक्षण व देखरेख के लिए ग्राम पंचायत ने धूब व पौधे लगाकर मॉडल गार्डन विकसित कर इसे पर्यटन स्थल का रूप दिया है। तालाब व पार्क के बीच में पूल का निर्माण करवाया है। अब दूर दराज के गांवों से लोग यहां घूमने आते हैं।
इनका कहना
भूजल स्तर की कमी को देखते हुए तालाब के जीर्णोद्वार की आवश्यकता महसूस हो रही थी। ग्रामीणों के सहयोग से तालाब का कायापलट तो हुआ ही साथ ही पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए पार्क का भी विकास किया जा रहा है ।
इंद्रा देवी, सरपंच, रूण