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रैली-प्रदर्शन के बाद आश्वासन तो मिले, नहीं मिली महिला व्याख्याता

दस दिन में महिला व्याख्याता की नियुक्ति नहीं हुई तो एनसीसी महिला विंग समाप्त, जिले के आला अधिकारियों को छात्र करवा चुके हैं अवगत

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Nagaur News

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नागौर. माडी बाई महिला महाविद्यालय में छात्र-छात्राएं एनसीसी महिला विंग खुलवाने के लिए प्रयासरत है, वहीं दूसरी ओर मिर्धा महाविद्यालय की एनसीसी महिला विंग पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। नया शिक्षा सत्र दस दिन बाद शुरू होने वाला है, ऐसे में अगर मिर्धा महाविद्यालय में किसी 43 वर्ष तक आयु की महिला व्याख्याता की नियुक्ति नहीं हुई तो एनसीसी की 3 राज महिला बटालियन मिर्धा महाविद्यालय से जाती रहेगी। उसे बचाने के लिए छात्रों व एनसीसी के जवानों ने काफी प्रयास भी किए, लेकिन समाधान नहीं निकला। गौरतलब हैं कि एक ओर सरकार उच्च शिक्षा का दावा कर रही है, महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित होती है, वहीं दूसरी ओर महिला व्याख्याता की नियुक्ति नहीं होना चिंता का विषय है जो किसी से छिपा नहीं है।
पूरे मामले में जिम्मेदारों से बात करने पर दबी जबान उनका कहना है कि नई नियुक्ति में भी कोई महिला यहां पर आती हुई नजर नहीं आ रही है।

मिला झूठा आश्वासन
ऐसा नहीं है कि इस बारें में जिम्मेदारों व जनप्रतिनिधियों को पता नहीं है, बल्कि छात्रों ने कॉलेज आयुक्तालय, जिला कलक्टर, केंद्रीय मंत्री सीआर चौधरी, नागौर विधायक हबीबुर्रहमान, कॉलेज प्राचार्य सहित अन्य लोगों को ज्ञापन देकर प्रदर्शन, भूख हड़ताल, रैलियों तथा अन्य माध्यम से अवगत कराया, लेकिन आज तक मिर्धा महाविद्यालय में 45 वर्ष से कम आयु की महिला व्याख्याता की नियुक्ति नहीं हो पाई है। जिसका खमियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।

कई बार मिल चुका है नोटिस
जानकारी के अनुसार मिर्धा महाविद्यालय को एनसीसी राज थ्री बटालियन जोधपुर व एनसीसी निदेशालय जयपुर की ओर से जारी नोटिस में साफ लिखा है कि यदि एनसीसी ऑफिसर की ट्रेनिंग के लिए महिला अधिकारी का नाम नहीं भिजवाया तो कॉलेज से गल्र्स राज थ्री बटालियन वापस कर ली जाएगी। पूर्व में इस बारें में मिर्धा महाविद्यालय प्रशासन व एनसीसी कार्यालय के जवाब अलग-अलग थे, वहीं महाविद्यालय में महिला विंग की कुल 56 सीटें है। इनमें से पिछल साल भी व्याख्याता की नियुक्ति नहीं होने के कारण सीटें फुल नहीं हो पाई थी।

कई बार ज्ञापन दिए, भूख हड़ताल की, लेकिन छात्रों को केवल आश्वासन दिया गया। जिम्मेदार व नेता हमारी समस्याओं को हल्के में ले रहे है। जिले के नेता किसी बड़े आंदोलन या प्रदर्शन का इंतजार कर रहे तो उसके लिए भी हम तैयार है। कोई भी समाधान करता है तो हम उसका समर्थन करेंगे।
सुरेन्द्र दौतड़, छात्र संघ अध्यक्ष मिर्धा महाविद्यालय

यह शर्म की बात है कि केवल झूठे आश्वासन छात्रों को दिए जा रहे है। जल्द समाधान नहीं हुआ तो सरकार एनएसयूआई के प्रदर्शन से निपटने के लिए अपनी कमर कस ले।
राजेन्द्र डूकिया, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष
कई बार केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया गया, लेकिन हमें केवल आश्वासन दिया गया । जल्द महिला व्याख्यता की नियुक्ति नहीं होती है आंदोलन किया जाएगा।
दिनेश बेड़ा, जिला संयोजक एबीवीपी