7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हैरान कर देने वाली घटना – नाबालिग का पहले किया रेप फिर डॉक्टर ने हैवानियत के साथ किया गर्भपात

दुराचार कर करवाया था गर्भपात, बालिका से रेप में दो दोषी को 20 साल की सजा

2 min read
Google source verification
नाबालिग का पहले किया रेप फिर डॉक्टर ने किया गर्भपात

नाबालिग का पहले किया रेप फिर डॉक्टर ने किया गर्भपात

नारायणपुर . प्रदेश में बढ़ रहे दुष्कर्म के अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हाल ही में हुए एक रेप की घटना पर जिला न्यायालय ने आरोपियों को 20 साल कारावास की सजा सुनाई है। नारायणपुर थाना में दर्ज रिर्पोट में रामसिंह सलाम एक नाबालिग के साथ दैहिक शोषण कर रहा था। जब वह गर्भवती हो गई तो उसे कांकेर के एक निजी क्लीनिक में गर्भपात करवा दिया। पीड़िता के लिखित शिकायत के बाद आरोपी रामसिंह सलाम के विरूद्ध धारा 493, 376 भादवि एवं डॉक्टर के खिलाफ धारा 312, 313 भादवि एवं धारा 5(2)(3)(4) के तहत अपराध दर्ज किया गया था।

क्या है पूरा मामला
आरोपी रामसिंह नाबालिग के साथ कई महीनों तक दुष्कर्म की घटना को अंजाम देता रहा और जब पीड़िता गर्भवती हो गई तो उसे एक झोलाछाप डॉक्टर के पास गर्भपात करने ले गया। आरोपी डॉक्टर विजय ने पीड़िता के तीन माह के गर्भ को पैसे की लालच में उसके जीवन को बचाने की कोई सदभावना नहीं रखते हुए गर्भपात किया व पीड़िता के सहमति के बिना तीन माह की गर्भवती होना पाने के बाद भी बिना किसी लाईसेंस या बिना किसी रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसाय होना जानते हुए भी उसका गर्भपात कर दिया।

कार्रवाही करते हुए पुलिस ने अरोपीर डॉक्टर के खिलाफ धारा 312, 313 भादवि एवं धारा 5(2)(3)(4) गर्भ का चिकित्सीय समापन अधि. 1971 तथा आरोपिया मानकुमारी के विरूद्ध भादसं. की धारा 201 का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया वही प्रार्थिया के लिखित आवेदन के आधार पर आरोपी रामसिंह सलाम के विरूद्ध धारा 493, 376 भादवि एवं 06 लैंगिंक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत कार्रवाही की गई।

विशेष लोक अभियोजक ने सिद्ध किया आरोप
इस प्रकरण में शासन की ओर नरेश नाईक विषेष लोक अभियोजक, कोण्डागांव ने आरोपी पर आरोपित अपराध को सिद्ध कर दिया। जिससे अपर सत्र न्यायाधीश (एफ.टीसी), कोण्डागांव के न्यायाधीश शान्तनु कुमार देशलहरे ने प्रकरण का विचारण कर अभियुक्त रामसिंग को धारा 493 भादवि के लिए 7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10 हजार का अर्थदण्ड, अर्थदण्ड की राशि अदा नहीं होने पर 1 वर्ष के अतिरिक्त सश्रम कारावास, धारा 6 लैगिंक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत 20 वर्ष के सश्रम करावास एवं रूपये 500 के अर्थदण्ड, अर्थदण्ड की राशि अदा नहीं होने के पर एक वर्ष के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

अन्य आरोपी विजन मण्डल को धारा 312 भादवि के 3 वर्ष के सश्रम करावास एवं रूपये दस हजार के अर्थदण्ड अर्थदण्ड की राशि अदा नहीं होने पर एक वर्ष के अतिरिक्त सश्रम कारावास, धारा 313 भादवि के 10 वर्ष के सश्रम करावास एवं रूपये पचास हजार के अर्थदण्ड, अर्थदण्ड की राशि अदा नहीं होने पर एक वर्ष के अतिरिक्त सश्रम कारावास, धारा 5(2)(3)(4) गर्भ का चिकित्सीय समापन अधिनियम के 5,5,5 वर्ष के सश्रम करावास एवं आरोपिया मानकुमारी यादव को धारा 201 भादवि के 5 वर्ष के सश्रम करावास एवं रूपये दस हजार के अर्थदण्ड, अर्थदण्ड की राशि अदा नहीं होने पर एक वर्ष के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

Click & Read More Chhattisgarh News.