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अबुझमाड़ सहित 30 गांव के ग्रामीण हुए लामबंद, कलेक्टर से की ये मांग, देखें Video

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबुझमाड़ सहित जिले के दूरस्थ अंचल के 30 गांव के ग्रामीण वनोपज के दाम बढ़ाने को लेकर लामबंद हो गए है। इसमें 30 गांव के सैकड़ो ग्रामीणों ने रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन करते हुए साप्ताहिक बाजार में गोदाम बनाने सहित समर्थन मूल्य में वनोपज खरीदी करने की मांग कर नारेबाजी करते हुए कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौपा है।

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वनोपज के दाम बढ़ाने को लेकर लामबंद हो गए ग्रामीण

वनोपज के दाम बढ़ाने को लेकर लामबंद हो गए ग्रामीण

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबुझमाड़ सहित जिले के दूरस्थ अंचल के 30 गांव के ग्रामीण वनोपज के दाम बढ़ाने को लेकर लामबंद हो गए है। इसमें 30 गांव के सैकड़ो ग्रामीणों ने रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन करते हुए साप्ताहिक बाजार में गोदाम बनाने सहित समर्थन मूल्य में वनोपज खरीदी करने की मांग कर नारेबाजी करते हुए कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौपा है।

जानकारी के अनुसार, अबुझमाड़ सहित जिले दूरस्थ अंचल में निवासरत 10 ग्राम पंचायत के अंतर्गत 30 गांव सैकड़ो ग्रामीण बोरण्ड गांव में एकत्रित हुए थे। इसमें ग्राम पंचायत करमरी, कलमानार, नेडनार, बड़े जम्हरी, बावड़ी, बोरण्ड, खड़कागांव, कुतुल, रेंगाबेडा, तोयामेटा शामिल थे। इससे कोटेनार मोड़ के पास एकत्रित होने के बाद सैकड़ो ग्रामीण महिला-पुरुष, बुजुर्ग, बच्चे रैली के शक्ल में बड़े जम्हरी साप्ताहिक बाजार के लिए रवाना हुए।


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इसमें ग्रामीण तेंदूपत्ता दर 600 रुपए सैकड़ा करने, तेंदूपत्ता का नगद भुगतान करने, व्यापारियों द्वारा बाजार में समर्थन मूल्य में वनोपज खरीदी किया जाए, साप्ताहिक बाजार में वनोपज गोदाम बनाने सहित अन्य मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए पैदल बड़े जम्हरी साप्ताहिक बाजार के लिए निकले थे। इससे सैकड़ो ग्रामीणों की रैली ने साप्ताहिक बाजार का भ्रमण करने के बाद रैली सभा में तब्दील हुई थी।

इससे वक्ताओं ने वनोपज को समर्थन मूल्य खरीदी करने की मांग को लेकर अपने विचार रखते हुए कहा कि अंचल के आदिवासी ग्रामीणो के जीविकोपार्जन का साधन वनोपज है। इससे आदिवासी ग्रामीण जंगल मे मिलने वाले चिरंजी, महुआ, हर्रा, आंवला, चार, तेंदूपत्ता, फुलझाडू जैसी अनेक वनोप को जंगल से संग्रहित कर साप्ताहिक बाजार में बेचते है।

इससे मिली राशि से अपने लिए आवश्यक सामग्री की खरीदी करते है। लेकिन जंगल से संग्रहित कर इसको बेचने के लाने वाली मेहनत के हिसाब से दाम नही मिल पाता है। इससे ग्रामीणों को सही दाम मिले इसके लिए बाजार में भी समर्थन मूल्य पर व्यापारियों द्वारा वनोपज की खरीदी करने चाहिए। इससे सभा के बाद ग्रामीणों की मांग को लेकर कलेक्टर नाम ज्ञापन सौपा गया।

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