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छह जिलों को जोडऩे वाले सवा किलोमीटर लंबे तवा ब्रिज पर 1000 से अधिक गडढे, फिर भी हो रही अनदेखी

सुधार की दरकार लेकिन प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान

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छह जिलों को जोडऩे वाले सवा किलोमीटर लंबे तवा ब्रिज पर 1000 से अधिक गडढे, फिर भी हो रही अनदेखी

छह जिलों को जोडऩे वाले सवा किलोमीटर लंबे तवा ब्रिज पर 1000 से अधिक गडढे, फिर भी हो रही अनदेखी

अमित बिल्लौरे/सोहागपुर। होशंगाबाद-पिपरिया स्टेट हाइवे क्रमांक 22 को जोडऩे वाले बाबई व होशंगाबाद के बीच तवा नदी पर बने पुल पर सड़क कम गड्ढे ज्यादा हैं। 1335 मीटर में 1000 गड्ढे गिने गए। यह बड़े गड्ढे हैं, जबकि छोटे-मोटे गड्ढे गिनने पर इनकी संख्या ज्यादा होगी। पत्रिका टीम ने करीब सवा किलोमीटर से अधिक लंबे पुल पर गड्ढे गिनने शुरू किए तो समझ ही नहीं आया कि गड्ढों में सड़क है या सड़क में गड्ढे। जहां पहले तीन से चार मिनट ममें इस पुल को पार कर जाते थे वहीं अब दस मिनट लगते हैं। कई जगह लोहे के कमजोर सरिए भी दिखाई दे रहे हैं।
कई जिलों को जोडऩे में महत्वपूर्ण कड़ी
वर्ष 1970-80 के बीच बना यह पुल पचमढ़ी, भोपाल, सागर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, नागपुर आदि बड़े शहरों को जोडऩे के लिए महत्वपूर्ण कड़ी है। 1335 मीटर लंबे पुल पर करीब 1200 छोटे-बड़े व गिने जाने लायक गड्ढे, कई छोटे गिने ही नहीं जाते। पूरे वर्ष सड़क निर्माण कंपनी द्वारा अक्टूबर 2018 तक की स्थिति में सवा किलोमीटर से अधिक लंबे इस पुल पर कोई न कोई सुधार कार्य किया जाता रहा। पुल के होशंगाबाद की ओर के हिस्से पर प्रत्येक दो वर्ष के अंतराल में बड़ा गड्ढा बनता ही है, जिसे जुगाड़ से सुधारा जाता है।

रबराईज्ड मटेरियल पुराना होने से स्लैब्स का गैप हो रहा खत्म
पुल का निर्माण प्री-स्टेज्स तकनीक से किया गया है, जिसमें केबल के जरिए स्लैब्स जोड़े गए हैं। इसमें भारी वाहनों के एक साथ निकलने पर पुल में कंपन होता है, जिससे टूटने का डर नहीं रहता है। पिलर्स तथा प्लेटफार्म के बीच लचीला रबराईज्ड मटेरियल रखा गया है, जो भारी वाहनों के वजन से पुल में लोच बनाने में सहयोग करती है। अब रबराईज्ड मटेरियल पुराना हो गया है तथा लगातार कार्य से स्लैब्स के बीच का गैप समाप्त होता जा रहा है।

अधिकारी चुप
मामले में जब दिनेश लौवंशी, सहायक महा प्रबंधक, सड़क विकास निगम, होशंगाबाद से फोन पर संपर्क किया तो कॉल रिसीव नहीं किया गया। न ही स्थानीय स्तर पर किसी अधिकारी के द्वारा कोई प्रतिक्रिया व्यक्त की गई है। स्थानीय स्तर पर मप्र कड़ा माणिकपुरी जिझौतिया ब्राम्हण समाज शाखा सोहागपुर के द्वारा गत दिनों मामले में एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा था। समाज इकाई की ओर से जानकारी दी गई है कि पुन: एक पत्र मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा, ताकि जल्द से जल्द पुल का सुधार हो सके।

बारिश से जर्जर हो चुके पुल-पुलियाओं और सड़कों की मरम्मत कराने के संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है। तवा पुल की मरम्मत के लिए एमपीआरडीसी को निर्देश दिए गए हैं।
शीलेंद्र सिंह, कलेक्टर