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इटारसी. राशन दुकानों से मिलने वाले नमक ने लोगों की सब्जी का जायका बिगाड़ दिया है। इस नमक का उपयोग करने से सब्जी काली पड़ जा रही है उसमें हल्दी का रंग ही नहीं चढ़ रहा है। पिछले तीन-चार माह से वन्या नमक सब्जी में डालने से लोग बच रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस नमक का उपयोग करने से सब्जी और दाल काली पड़ रही है। रोटी में भी कालापन सा आ रहा है और स्वाद भी खराब हो रहा है। वन्या नमक राशन दुकानों से मिलता है। १ रुपए में १ किलो का १ पैकेट प्रत्येक परिवार को मिलता है। इस नमक की विशेषता है इसमें पर्याप्त आयोडीन नमक होता और शासन द्वारा यह २००६ से राशन दुकानों पर उपलब्ध कराया जा रहा है। पिछले दो तीन महीने से इस नमक में शिकायत मिल रही है।
इसलिए जरूरी है आयोडीन: आयोडीन शरीर व मस्तिष्क दोनों की सही वृद्धि, विकास व संचालन के लिए आवश्यक है। आयोडीन की कमी से घेंघा हो सकता है। आयोडीन की कमी से नवजात शिशु के शरीर व दिमाग की वृद्धि व विकास में हमेशा के लिए रुकावट आ सकती है। गर्भवती महिला के लिए आयोडीन बहुत जरूरी है। आयोडीन की कमी से बच्चा आसामान्य हो सकता है।
रियायत दरों पर आदिवासी ब्लॉक में आवंटन: प्रदेश सरकार ने 19 जिलों में निवासरत 89 आदिवासी विकासखण्डों के आदिवासियों को रियायती दर पर आयोडीनयुक्त नमक प्रदाय कराया जा रहा है। इन विकासखण्डों में निवास करने वाले प्रत्येक परिवार को राशन कार्ड के आधार पर प्रति माह 1 किलो आयोडीन युक्त नमक एक रुपए कीमत में प्रदाय किया जाता है। आदिवासी बाहुल्य इलाकों के लिए आयोडिन युक्त नमक को लगभग मूल्य से अत्यंत कम मूल्य पर रियायती दरपर उपलब्ध कराया जा रहा है।
कम हो गया था आयोडीन युक्त नमक का उपयोग: यूनिसेफ के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार वर्ष 1998-99 में आयोडीन युक्त नमक मध्यप्रदेश में केवल 57 प्रतिशत आबादी पर तथा 2005-06 घटकर 32 प्रतिशत आबादी द्वारा ही उपयोग किया जा रहा है। आयोडीन की इस महती आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए शासन ने विशेष कर आदिवासी क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार को आयोडीन युक्त नमक उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
Published on:
20 Aug 2018 11:31 am
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