धान की फसल पर सूखे का खतरा मंडरा रहा है। सोमवार को सनखेड़ा क्षेत्र के किसानों ने तवा परियोजना के कार्यपालन यंत्री को कलेक्टर के नाम संबोधित ज्ञापन दिया है। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने नहर चालू करने की मांग की है। जिससे धान की फसल को बर्बाद होने से बचाया जा सके।
ज्ञापन में किसानों ने यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में दस घंटे बिजली की सप्लाई देना है। बावजूद इसके बमुश्किल आधा या एक घंटे ही बिजली मिल रही है। जिसके कारण परेशानी आ रही है। ज्ञापन देने वालों नरेश मेहतो, कैलाश चौरे, रामकृष्ण, दौलत राम, विनय पटेल, भगवती चौरे, अरुण पटेल सहित अन्य किसान मौजूद थे।
तवा कॉलोनी स्थित तवा परियोजना कार्यालय के बाहर खड़े किसानों ने नहर चालू करने की मांग को लेकर नारेबाजी की। किसानों ने कहा कि जल्द ही नहर से पानी नहीं दिया गया तो धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी।
किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बाबू चौधरी ने बताया कि 14 सितंबर को किसान कांग्रेस के साथ सभी प्रकोष्ठ और किसान एसडीएम को ज्ञापन देंगे। दोपहर 12 बजे ज्ञापन दिया जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही बिजली कटौती को रोकने और धान की फसल को बचाने के लिए नहर से पानी देने की मांग की जाएगी।
नहर चालू हुई तो नहीं होगा मेंटनेंस
बारिश के बाद नहरों में टूटफूट व अन्य समस्याएं आती है। जिसका मेंटनेंस हर वर्ष बारिश के बाद किया जाता है। ऐसे में यदि धान की फसल को बचाने के लिए नहर से पानी दिया गया तो मेंटनेंस में रुकावट आ सकती है और इस वर्ष नहर मरम्मत का काम प्रभवित हो सकता है।
& किसानों ने नहर चालू करने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया है। जिसे वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दिया गया है। नहर चालू करने के निर्देश मिलेंगे तो चालू कर दिया जाएगा।
अशोक जाटव कार्यपालन यंत्री, तवा परियोजना