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एक साथ नौ को मिली आजीवन कारावास की सजा, जानें क्यों

चार साल पहले भूमि विवाद में हुई थी हत्या, पचलावरा गांव मे गुर्जर समाज के दो परिवारों में 3 एकड़ जमीन को लेकर हुआ था खूनी संघर्ष

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पिपरिया/प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश आदेश कुमार जैन की अदालत ने चार साल पहले पारिवारिक भूमि विवाद में हुई हत्या के मामले में बुधवार को फैसला सुनाया है। न्यायाधीश ने 9 आरोपियों को आजीवान करावास और 4 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया है। झगड़े में शामिल बाल आरोपी का प्रकरण बाल न्यायालय में विाराधीन है।
पचलावारा गांव में 17 दिसंबर 2015 की सुबह तीन एकड़ भूमि पर कब्जे को लेकर गुर्जर समाज के दो परिवारों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था। अपर लोक अभियोजक सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि खूनी संघर्ष में ब्रजेश पिता मोहन सिह निवासी सेमरी की हत्या हो गई थी। न्यायाधीश ने आरोपी दीनदयाल दौलत सिंह 35, दौलत सिंह सेठजी 68, राजा उर्फ राजाराम पिता दौलत सिंह 31, राधाबाई दौलत सिंह 63, रामाकांत मनोहर सिंह 22, रामसिंह मोहन सिंह 55, एकम सिंह मोहन सिंह 53, छोटू उर्फ छोटेलाल पिता एकम सिंह 23, धन्नोबाइ पति दीनदयाल 36 सभी निवासी पचलावरा के खिलाफ आजीवन कारावास एवं अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। आरोपियों के खिलाफ मंगलवारा पुलिस ने हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा का अपराध दर्ज कर चालान कोर्ट पेश किया था।

सगे भाइयों में हुआ था खूनी संघर्ष
पचलावरा के दो सगे भाई दौलत सिंह और सालकराम के बीच 3 एकड़ भूमि को लेकर विवाद था। घटना के दिन परिवार सहित महिलाओं, बच्चों ने मिलकर कुल्हाड़ी, लाठी, फरसे से हमला कर घायल किया था। हमले में ब्रजेश पिता मोहन सिंह निवासी सेमरी की मौत हो गई थी। आरोपियों में शामिल रामभरोसे के प्रकरण के दौरान मृत्यु हो गई थी। इसलिए उसके खिलाफ कोई दंडादेश पारित नहीं हुआ है। एक बाल अपचारी भी घटना में शामिल था इसका प्रकरण बाल न्यायालय में विचाराधीन है।