
Mahatma Gandhi Punyathithi special news
हरदा। प्रदेश का यह नगर कई मायनों में खास है। दरअसल 8 दिसंबर 1933 में महात्मा गांधी जी ने हरदा प्रवास के दौरान इस नगर को प्रदेश के ह्दय नगर की संज्ञा दी थी। उस समय यहां बापू को सुनने के लिए लाखों लोग एकत्र हुए थे। इसी समय हरदावासियों ने आजादी के आंदोलन के लिए बापू को मानपत्र के साथ 1633 रुपए और 15 आने की थैली भी भेंट की गई थी। प्रवास दौरान जहां बापू रुके थे उस स्थान पर गांधी जयंती के दिन बापू कुटी का लोकार्पण किया गया।
गांधी जयंती के अवसर पर सोमवार को अन्नापुरा स्कूल में विधायक डॉ. आरके दोगने ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के पारिवारिक सदस्यों की मौजूदगी में बापू कुटी का लोकार्पण किया। बापू के हरदा प्रवास की स्मृति में विधायक निधि से 6 लाख 85 हजार रुपए की राशि से इसका निर्माण हुआ है।
बापू ने किया था नगर भ्रमण
समारोह के मुख्य वक्ता श्याम साकल्ले ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 8 दिसंबर 1933 को बापू सोहागपुर से यात्रा कर हरदा आए थे। नगर भ्रमण करते हुए वे जिमखाना ग्राउंड (वर्तमान एलआईजी कॉलोनी) पहुंची थी। यहां करीब एक लाख लोगों की मौजूदगी में बापू को मान पत्र के साथ 1633 रुपए 15 आने की थैली भेंट किए थे।
स्नेह से अभिभूत होकर दी थी यह संंज्ञा
हरदावासियों के स्नेह से अभिभूत महात्मा गांधी ने हरदा को हृदय नगर की संज्ञा दी थी। तत्कालीन हरिजन छात्रावास (यही परिसर) में गांधीजी ने चरखा भी चलाया और करीब एक घंटे विश्राम किया था। कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानी परिवार से सुशीला देवी कोठारी, प्रीति दुबे, वंदना दुबे, उषा गोयल, शैलेंद्र जलखरे, राजेंद्र पटाले, संदीप वर्मा, संजय सोकल, चंद्रकांत शुक्ला, एचएन गुर्जर, कमलचंद जैन आदि उपस्थित थे।
नगर के लिए गौरवशाली दिन
इस दौरान विधायक डॉ. दोगने ने कहा कि कि शहर के लिए यह गौरव की बात रही थी कि बापू यहां आए। आने वाली पीढ़ी के लिए बापू कुटी राष्ट्रपिता की याद को लेकर प्रेरणादायी रहेगी। विधायक ने लोगों से अपील की कि गांधीजी से संबंधित किसी प्रकार की प्राचीन वस्तु एवं साहित्य हो तो वे बापू कुटी में संजोकर रखने के लिए दे सकते हैं।
Published on:
30 Jan 2018 10:00 am
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