
साढ़े 52 तोला चांदी या साढ़े सात तोला सोना है आपके पास तो आप भी कर सकते हैं यह काम
होशंगाबाद। अमीरी-गरीबी का फासला समाज की बड़ी बुराइयों में एक है। मुस्लिम समुदाय इसे दूर करने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए जिनके पास साढ़े 52 तोला चांदी या साढ़े सात तोला सोना है वह लोग आमदनी का 2.5 प्रतिशत हिस्सा जकात (दान) करेंगे। दरअसल वर्तमान में रमजान का पवित्र माह चल रहा है। इस माह में हर मुस्लिम ईद की खुशी मना सके इसलिए मुस्लिम समुदाय द्वारा रमजान में जकात की जाती है। काजी शहर असफाक अली ने बताया कि रमजान में रोजा रखना, नमाज और कुरान इबादत करना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी नमाज के बाद जकात (कमाई का कुछ हिस्सा गरीबों को दान ) करना है। ताकि अमीरी-गरीबी का फासला कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि जकात हर उस मुसलमान का फर्ज है, जिसके पास साढ़े ५२ तोला चांदी या साढ़े सात तोला सोना है। इसके अलावा सालाना कमाई का ढ़ाई फीसदी हिस्सा दान करना जरूरी होता है। इसके अलावा रमजान में फितरा भी अदा किया जाता है। यह दोनों देने से माह में शवाब मिलता है। इसलिए मुस्लिम समुदाय के लोग ईद के पहले रमजान के दौरान कमाई का 2.5 प्रतिशत हिस्सा फकीरों, मदरसा, मुसाफिर या मिस्कीन को दिया जाएगा।
16 वां रोजा आज
रमजान माह का 14 वां रोजा बीते सोमवार को पूरा हुआ। मंगलवार को 15वां रोजा हुआ। वहीं 16 वां रोजा बुधवार को मनाया जाएगा। जिसमें इफ्तार का समय शाम 6.५७ बजे होगा।
आने वाले 5 दिनों का सेहरी व इफ्तार
दिन - रोजा -खत्मसेहरी - वक्त इफ्तार
बुधवार 16- 4.08 -6.57
गुरूवार 17 -4.07 -6.58
शुक्रवार 18 -4.07- 6.58
शनिवार 19 -4.06 -6.59
रविवार 20 -४.06- 6.59
सोमवार 21 - 4.06-6.59
कब्रिस्तान में मनाया खत्मे कुरान जश्र
होशंगाबाद. कब्रिस्तान में चौहदवे रोजे को खत्मे कुरान जश्र मनाया गया। जश्र शहर काजी जनाब अशफाक अली की सदारत में मालाखेड़ी मदरसे के प्रमुख मुफ्ती अशरफ के मुख्य अतिथि में मना। मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के पूर्व जिलाध्यक्ष शरीफ राइन ने बताया कि रमजान की प्रमुख इबादत, तराबीह की नमाज पूरी कुरान पढऩे को खत्मे कुरान कहते हैं। इस अवसर पर अजीम सा, हाफिज मो. राफके, हाफिज कलीम, हाफिज इसराइल, हाफिज सैय्यद, हाफिज अली सा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
Published on:
22 May 2019 10:00 am
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