
इटारसी. न्याय के देवता शनिदेव की जयंती इस बाद २०५ साल बाद सर्वार्थ सिद्धी योग और शोभन योग में आई है। जिसका अधिक महत्व माना जाता है। इस योग में भगवान शनिदेव का व्रत का पालन विशेष फलदायी रहेगा। शनि जयंती को लेकर शहर के शनि मंदिरों में साफ सफाई व तैयारियां शुरू हो गई थी। वहीं आज शनि जयंती पर शहर के शनि मंदिरों में भक्तों का ताता लगा हुआ है। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। शनि देव की पूजा के लिए जगह जगह तिल और तेल चढ़ाया जा रहा है।
२०५ साल बाद सर्वार्थ सिद्धी योग और शोभन योग में मनेगी जयंती
होशंगाबाद. ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या पर आज सेठानीघाट स्थित ५०० साल पुराने प्राचीन शनि मंदिर में शनि जयंती मनाई जाएगी। इस बार २०५ साल बाद सर्वार्थ सिद्धी योग और शोभन योग में मनाई जाएगी। मंदिर के प्रबंधक एवं प्रधान आचार्य पं. गोपाल प्रसाद खड्डर ने बताया कि नर्मदा तट मंदिर में सुबह ८ बजे से १०.३० बजे तक विद्धान ब्राम्हणों द्वारा मंडलों की स्थापना की पूजन एवं शनि महाराज का तेल से अभिषेक किया जाएगा। ११ बजे शनि भगवान का श्रृंगार, १२ बजे जन्मोत्सव व आरती होगी। दोपहर १ बजे से भंडारा प्रसादी वितरण किया जाएगा। रात ८ बजे २५१ बत्ती से आरती होगी। उत्सव के दौरान मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाएगा।
इनके लिए है लाभदायक
अमावस्या, शनि जयंती और वट सावित्री व्रत सर्वार्थ सिद्धी योग में आया है जिससे इनका विशेष महत्व है। कई सालों में ऐसा संयोग बनता है जो विभिन्न राशियों के लोगों के हिसाब से फलदायी है। ज्योतिषियों के मुताबिक इस बार की शनि जयंती उन लोगों के लिए विशेष लाभकारी रहेगी जो शनि की साढ़े साती , शनि की अढ़ैया या जन्म कुंडली में शनि की महादशा या शनि की खराब स्थिति के कारण परेशान चल रहे हैं।
इसलिए है अमावस्या खास
मंगलवार को जो अमावस्या आ रही है वह भरणी नक्षत्र, शोभन योग, चतुष्पद करण और मेष राशि के चंद्रमा की मौजूदगी में आ रही है इसलिए इस बार अमावस्या बहुत ही विशेष रहेगी। इस साल ज्येष्ठ मास अधिकमास भी है इसलिए प्रथम शुद्ध ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष में इस अमावस्या के आने से इसका महत्व और ज्यादा है। इस बार यह संयोग मकर, कुंभ, तुला राशि के लिए विशेष फलदायी है।
Published on:
15 May 2018 11:40 am
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