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नदी किनारे कॉलोनियों के विकसित होने से खतरे में ‘धमनी’ का अस्तित्व

जिम्मेदार बेखबर : दिनों-दिन सकरी हो रही नदी के संरक्षण की दरकार

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नदी किनारे कॉलोनियों के विकसित होने से खतरे में ‘धमनी’ का अस्तित्व

नदी किनारे कॉलोनियों के विकसित होने से खतरे में ‘धमनी’ का अस्तित्व

नरसिंहपुर. जिले की सहायक नदियों को पुर्नजीवन प्रदान करने के लिए चिंहित की गई करेली से होकर गुजरी धमनी नदी इन दिनों अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। करेली नगरपालिका क्षेत्र के अंतर्गत इस नदी के दोनो किनारों पर विकसित हो रही रहवासी कॉलोनियों के कारण नदी का पाट दिनों दिन संकरा होता जा रहा है और वर्तमान में यह नदी एक संकरे नाले में तब्दील हो चुकी है। मालूम हो करेली नगरपालिका क्षेत्र में पिछले सालों में यहां कई कॉलोनियों का विस्तार हो चुका है और यहां प्लाटों क ी खरीद फरोख्त के बाद आवासों का निर्माण भी जारी है। इस बीच नदी के पाट को भी संकरा करते हुए दोनों किनारों पर लंबी लंबी बाउंड्रीवाल तैयार कर दी गई है। जिसके चलते नदी का अस्तित्तव ही खत्म होता नजर आने लगा है।
सीमांकन के बाद भी नतीजा रहा सिफर-करेली क्षेत्र में धमनी नदी के अस्तित्व का बचाए रखने और इसे पुर्नजीवन प्रदान करने के लिए शासन के नदी पुर्नजीवन अभियान के तहत बीते सालों में इसका सीमांकन भी किया जा चुका है लेकिन इसके बाद भी नदी के किनारों पर होते जा रहे अतिक्रमण की घोर अनदेखी की गई है। जिसके कारण यह वर्तमान में नाले में तब्दील हो चुकी है।
बहाव थमने से प्रदूषित हो रहा पानी-करेली और नजदीकी ग्राम पंचायत जौहरिया के बीच से होकर गुजरी धमनी नदी का बहाव स्थानीय सफेद पुल से जौहरिया के बीच में थम गया है । जिसके कारण यह थमा हुआ पानी इक_ा होकर प्रदूषित होने लगा है और यही पानी वहां के रिहायशी हिस्से में लगे हुए सबमर्सिबल और हैंडपंपो के रास्ते लोगो के घरों तक पहुंचने की आशंका भी बढ़ रही है। इससे भविष्य में लोगों गंभीर स्वास्थ्य संकटों का सामना भी करना पड़ सकता है। क्षेत्र के लोगों ने इस गंभीर समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराते हुए समुचित कार्रवाई की मांग की है।