7 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जिले में जल्द स्थापित होगा ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन

नरसिंहपुर. जिले में व्यावसायिक वाहनों की फि टनेस जांच के लिए लंबे समय से आ रही परेशानी अब जल्द खत्म होने की उम्मीद है। परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन एटीएस स्थापित करने के लिए एक निजी एजेंसी को एपू्रवल दिया गया है। जो यहां सेंटर स्थापित करते हुए […]

2 min read
Google source verification
Automated testing station

Automated testing station

नरसिंहपुर. जिले में व्यावसायिक वाहनों की फि टनेस जांच के लिए लंबे समय से आ रही परेशानी अब जल्द खत्म होने की उम्मीद है। परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन एटीएस स्थापित करने के लिए एक निजी एजेंसी को एपू्रवल दिया गया है। जो यहां सेंटर स्थापित करते हुए सेवाएं देगी। इसके शुरू होने के बाद वाहन मालिकों को फि टनेस जांच के लिए जबलपुर तक आने.जाने में होने वाले हजारों रुपए के खर्च से निजात मिल सकेगी। वर्तमान में जिले के वाहन संचालकों को मजबूरी में जबलपुर जाना पड़ रहा है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है।
फि टनेस जांच के लिए हजारों रुपए का ईंधन खर्च करना पड़ रहा है, जिसका सबसे ज्यादा असर स्कूली वाहनों और छोटे व्यावसायिक वाहन संचालकों पर पड़ रहा है। सीमित आय वाले इन संचालकों के लिए बार.बार जबलपुर जाकर फि टनेस कराना आर्थिक रूप से भारी पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार जिले में हर माह औसतन करीब 200 वाहन फि टनेस जांच कराते हैं, जिन्हें इस प्रक्रिया के लिए जबलपुर जाना पड़ता है। रोजाना करीब 20 से 25 वाहन मालिक परिवहन कार्यालय पहुंचकर एटीएस की स्थिति और फि टनेस प्रक्रिया को लेकर जानकारी ले रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि एटीएस शुरू होने के बाद जिले में ही आधुनिक मशीनों के जरिए पारदर्शी और तेज जांच सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।


सडक़ों पर बढ़ रही अनफिट वाहनों की संख्या


फि टनेस जांच के लिए लंबी दूरी तय करने के कारण कई वाहन संचालक समय पर जांच नहीं करवा पा रहे हैं। इसका सीधा असर सडक़ सुरक्षा पर पड़ रहा है, क्योंकि कई अनफि ट वाहन सडक़ों पर दौड़ रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है। वहीं नगरीय क्षेत्र में संचालित ऑटो चालकों पर भी इसका व्यापक असर पड़ा है। अनिवार्य फि टनेस के बावजूद कई ऑटो बिना जांच के ही संचालित हो रहे हैं। परिवहन विभाग द्वारा समय.समय पर कार्रवाई भी की जाती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर सुविधा न होने से समस्या बनी हुई है। एटीएस की स्थापना के बाद न केवल वाहन मालिकों को राहत मिलेगी बल्कि सडक़ सुरक्षा में भी सुधार आने की उम्मीद है।
वर्जन
जिले में एक एटीएस सेंटर को शुरू करने की स्वीकृति मिली है। इस जिस एजेंसी को यह सेंटर बनाने के लिए एप्रूवल मिला है उसे 30 सितंबर तक सेंटर तैयार करना होगा। अन्यथा उसका एप्रूवल निरस्त हो जाएगा। सेंटर की प्रक्रिया चल रही है।
रवि बरेलिया जिला परिवहन अधिकारी नरसिंहपुर