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अवैध नियुक्तियों व अनियमिताओं पर चीचली निकाय अध्यक्ष को पद से हटाया

matter of illegal appointments नरसिंहपुर. प्रदेश शासन के नगरीय विकास व आवास विभाग ने नगर परिषद चीचली में अवैध नियुक्तियों व अनियमितताओं के मामले में कार्रवाई करते हुए निकाय अध्यक्ष शेख मंजूर उर्फ बबलू सिंघानिया को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। मामला दैनिक वेतन भोगियों की अवैध तरीके से नियुक्ति व […]

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प्रदेश शासन के नगरीय विकास व आवास विभाग ने नगर परिषद चीचली में अवैध नियुक्तियों व अनियमितताओं के मामले में कार्रवाई करते हुए निकाय अध्यक्ष शेख मंजूर उर्फ बबलू सिंघानिया को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।

शेख मंजूर उर्फ बबलू सिंघानिया

matter of illegal appointments नरसिंहपुर. प्रदेश शासन के नगरीय विकास व आवास विभाग ने नगर परिषद चीचली में अवैध नियुक्तियों व अनियमितताओं के मामले में कार्रवाई करते हुए निकाय अध्यक्ष शेख मंजूर उर्फ बबलू सिंघानिया को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। मामला दैनिक वेतन भोगियों की अवैध तरीके से नियुक्ति व वेतन आहरण से संबंधित बताया गया है।
मामले में मंत्रालय भोपाल से बीती 26 फरवरी को जारी हुए आदेश के अनुसार नगर परिषद चीचली में दैनिक पारिश्रमिक पर श्रमिकों की नियुक्ति में नियमों का उल्लंघन किया गया था। जिसमें मिली शिकायत पर कलेक्टर ने जांच कराई थी। जांच में पाया गया कि बिना सक्षम स्वीकृति के साप्ताहिक मस्टर पर श्रमिकों को रखा गया, जिसके लिए तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ नगर परिषद अध्यक्ष शेख मंजूर भी प्रथम दृष्टया जिम्मेदार पाए गए। शासन के अनुसार अध्यक्ष शेख मंजूर 10 अगस्त 2022 से नगर परिषद चीचली के निर्वाचित अध्यक्ष के रूप में पदस्थ थे। जांच के दौरान यह सामने आया कि पीआइसी बैठक 30 जनवरी 2023 के प्रस्ताव क्रमांक 19 के तहत 6 अस्थाई श्रमिकों में नूरी खान, राहुल अहिरवार, शक्ति कौरव, हरिओम कटारे, शशिन वर्मा और अबरार खान को दैनिक पारिश्रमिक पर रखने की स्वीकृति दी गई थी, जो नियमानुसार नहीं थी।
शासन ने माना गंभीर अनियमिताएं हुईं
जारी आदेश के अनुसार मामले में शासन द्वारा 24 दिसंबर 2025 को अध्यक्ष शेख मंजूर को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिनों में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। बाद में उनके अनुरोध पर संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए गए और बीती 3 फरवरी को सुनवाई भी की गई। सुनवाई के दौरान शेख मंजूर उपस्थित हुए और अपना प्रतिवाद प्रस्तुत किया, जिसे अभिलेखों में दर्ज किया गया। हालांकि उपलब्ध दस्तावेजों और जांच के आधार पर शासन ने माना कि अध्यक्ष अपने कर्तव्यों का विधि अनुसार पालन करने में असफल रहे और उनके कार्यकाल में गंभीर अनियमितताएं हुईं। शासन की राय में उनका अध्यक्ष पद पर बने रहना लोकहित और परिषद हित में उचित नहीं पाया गया। इसी आधार पर राज्य शासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से अध्यक्ष पद से पृथक करने का आदेश जारी किया है। साथ ही नगर परिषद को हुई 12 लाख 18 हजार 168 रुपए की आर्थिक हानि की वसूली भी अध्यक्ष समेत संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से समान रूप से करने निर्देश दिए हैं। यह राशि निकाय निधि में जमा होगी। हाईकोर्ट में केविएट दायर
चीचली नगरपरिषद अध्यक्ष शेख मंजूर को पदच्युत करने के साथ ही मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्रालय ने हाईकोर्ट में केविएट भी दायर कर दी है। ताकि शेख मंजूर द्वारा उच्च न्यायालय में यदि शासन के आदेश के विरुद्ध याचिका दायर कर स्थगन मांगा जाता है तो न्यायालय एकपक्षीय आदेश पारित करने के बजाय शासन का पक्ष भी सुने।
अध्यक्ष कह रहे आदेश को देंगे चुनौती
नगरीय प्रशासन व आवास विभाग द्वारा अध्यक्ष पद से हटाने के आदेश को शेख मंजूर हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा कि दैनिक वेतन भोगियों को नौकरी पर रखे जाने संबंधी अनियमितता प्रदेश की अनेक परिषदों में हुई है। इसके बावजूद सिर्फ उन पर ही कार्रवाई इसलिए की गई है, क्योंकि वे कांग्रेसी हैं। इसके पूर्व देवरी में भी अध्यक्ष को इसी तर्ज पर हटाया गया था। इसी को आधार मानकर उन पर भी कार्रवाई हुई है। वे आदेश का का विधि विशेषज्ञों से अवलोकन करा रहे हैं। इसके बाद आगे कार्रवाई करेंगे।