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एकाग्रता से तैयारी करो तो कोई लक्ष्य मुश्किल नहीं, न ही कोई आर्थिक बाधा,यूपीएससी परीक्षा में सफल डॉ. दीक्षा ने कहा

UPSC exam Dr. Diksha नरसिंहपुर. किसी भी लक्ष्य को पाने पहले एकाग्रता से तैयारी, परीक्षा को समझना जरूरी है। यदि तैयारी अच्छी होगी, एकाग्रता रहेगी तो कोई लक्ष्य मुश्किल नहीं है। मैं यह भी नहीं मानतीं कि यूपीएससी जैसी परीक्षा के लिए अधिक खर्च लगता है क्योंकि आजकल बहुत सी ऑनलाइन क्लासेस हैं, मैंने खुद […]

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करकबेल निवासी डॉ. दीक्षा पाटकार का जिन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 88वीं रैंक हासिल कर गांव ही नहीं बल्कि जिले का नाम रोशन किया है। डॉ. दीक्षा ने बताया कि उनके पिता हेमराज किसान व व्यापारी हैं, मां अर्चना गृहणी हैं। भाई डॉ. देवेंद्र पाटकार के साथ ही माता-पिता ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया है।

डॉ. दीक्षा पाटकार।

UPSC exam Dr. Diksha नरसिंहपुर. किसी भी लक्ष्य को पाने पहले एकाग्रता से तैयारी, परीक्षा को समझना जरूरी है। यदि तैयारी अच्छी होगी, एकाग्रता रहेगी तो कोई लक्ष्य मुश्किल नहीं है। मैं यह भी नहीं मानतीं कि यूपीएससी जैसी परीक्षा के लिए अधिक खर्च लगता है क्योंकि आजकल बहुत सी ऑनलाइन क्लासेस हैं, मैंने खुद काफी कम खर्च में दो साल तैयारी की है। यह कहना है कि करकबेल निवासी डॉ. दीक्षा पाटकार का जिन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 88वीं रैंक हासिल कर गांव ही नहीं बल्कि जिले का नाम रोशन किया है।
डॉ. दीक्षा ने बताया कि उनके पिता हेमराज किसान व व्यापारी हैं, मां अर्चना गृहणी हैं। भाई डॉ. देवेंद्र पाटकार के साथ ही माता-पिता ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया है। दीक्षा कहतीं हैं कि उनकी पहली से पांचवी तक की शिक्षा गांव के एक निजी स्कूल से हुई।
उसके बाद 8वीं से 12वीं तक की पढ़ाई नवोदय विद्यालय बोहानी से की और फिर एक साल कोटा में कोचिंग ली। पहले ही प्रयास में उनका चयन नीट की परीक्षा में हो गया। इसके बाद जोधपुर एम्स से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की। वर्ष 2022 में दिल्ली एम्स से स्त्री रोग विशेषज्ञ, एमडी की उपाधि अर्जित की। करीब 7 माह तक गुना व जबलपुर के मेडिकल इंस्टिट्यूट में अपनी सेवाएं दीं। दीक्षा कहतीं हैं कि वर्ष 2023 में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा के लिए प्रयास किया लेकिन प्री नहीं निकला, उसके बाद दूसरी बार प्रयास किया तो प्री निकला लेकिन मेंस नहीं निकला। यह उनका तीसरा प्रयास था जिसमें उन्हें सफलता मिली। इसके लिए उन्होंने दिल्ली जाकर ऑनलाइन कोचिंग ली।

इसी प्रकार नरसिंहपुर के नरसिंह वार्ड की प्राची जैन ने यूपीएससी परीक्षा में 714 वीं रैंक प्राप्त की है। आप प्रमोद जैन एवं बबीता जैन की पुत्री हैं। कलेक्टर रजनी सिंह ने इन दोनों बेटियों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
एसडीएम पूजा सोनी ने हासिल की 249वीं रैंक


नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा में बतौर एसडीएम कार्यरत पूजा सोनी ने भी यूपीएससी परीक्षा में 249वीं रैंक हासिल की है। मूलत: देवेंद्रनगर पन्ना निवासी एसडीएम पूजा के पिता महेश सोनी किसान हैं जबकि मां जानकी सोनी गृहणी हैं। वे कहतीं हैं कि डिप्टी कलेक्टर बनने के पूर्व आइपीएस बनी थीं, नार्थ ईस्ट में पदस्थापना मिली थी। लेकिन पारिवारिक दिक्कतों के कारण उन्होंने इससे त्यागपत्र दिया था। उसके बाद दो साल पहले डिप्टी कलेक्टर बनीं। वे लगातार यूपीएसपी की तैयारियां करतीं रहीं, यह उनका पांचवा प्रयास था जिसमें उन्होंने 249वीं रैंक हासिल की है। उनका कहना है कि पढ़ाई के प्रति आप जितना समर्पित रहेंगे, अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रहेगा सफलता आपको उतनी जल्दी मिलेगी। हमेशा सकारात्मक सोच के साथ लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रयास करना चाहिए और कभी भी निराश नहीं होना चाहिए। वहीं कलेक्टर रजनी सिंह ने एसडीएम पूजा सोनी की सफलता को सराहते हुए कहा कि कठिन परिश्रम, समर्पण और दृढ़ संकल्प के बल पर सोनी ने यह उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। उनकी यह उपलब्धि न केवल जिले के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणादायी है कि निरंतर प्रयास और लगन से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। वह अपनी प्रतिभा व कार्यक्षमता से देश और समाज की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। इस उपलब्धि पर जिला प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी खुशी जताई है।