
Osho
गाडरवारा। आचार्य रजनीश ओशो की क्रीड़ा स्थली एवं रमणीक ओशोलीला आश्रम में वर्ष भर देश के अनेकों प्रांतों सहित विदेशी ओशो सन्यासियों का आवागमन बना रहता है। लेकिन खासकर ओशो के जन्मोत्सव से मृत्यु उत्सव के दौरान ओशो सन्यासियों का बड़ी संख्या में आगमन होता है। दरअसल ओशो अनुयायियों का ऐसा मानना है कि गाडरवारा उन्हें किसी तीर्थ स्थल से कम नहीं लगता। क्योंकि यहीं ओशो से संबंधित उनके जीवन से जुड़े अनेकों स्मरणीय स्थल है। इसी क्रम के चलते बीते दिनों ओशो लीला आश्रम में एक डॉक्यूमेंट्री टीम का दिल्ली से आगमन हुआ। टीम में स्वामी गौतम गुरु जीएफ , मा मीरा, स्वामी चोटी शामिल रहे। तकनीकी फोटोग्राफर स्वामी गौतम ने बताया कि हम लोग भारत भ्रमण पर हैं। जहां भी ओशो आश्रम है वहां पहुंचकर डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाते हैं। अब अंत में मध्य प्रदेश के दौरे पर हैं। इस डाक्यूमेंट्री फिल्म की प्रेरणा ओशो की आध्यात्मिक यात्रा में सहभागी रहे स्वामी वेद प्रकाश, ओशो पिरामिड मेडिटेशन हथियारी देहरादून से मिली। इस दौरान खजुराहो ओशो आश्रम स्वामी गंगा, जबलपुर के देवताल आश्रम के स्वामी विजयानंद, कुचवाड़ा आश्रम व गाडरवारा के ओशो के बाल सखा स्वामी सुखराज भारती से भेंट, संवाद किए। अपने गाडरवारा आगमन में टीम ने ओशो लीला आश्रम, शक्कर नदी, रेलवे पुल, शिक्षण संस्थाएं प्राथमिक शाला, आदर्श स्कूल, सार्वजनिक पुस्तकालय जहां ओशो की हस्तलिखित पुस्तकों के अलावा उनके द्वारा हस्ताक्षरित किताबें भी रखीं हुई है, वहां पहुंच कर फिल्मांकन किया। उन्होंने बताया कि गाडरवारा आकर उनकी यात्रा पूरी हुई है, यहां से टीम वापस दिल्ली चली गई। उक्त डाक्यूमेंट्री का उददेश्य है कि विदेशों से आने वालों को ओशो से जुड़े भारत के स्थानों से परिचित कराना है। लोगों की सहायता, जानकारी हेतु इसे यू टयूब पर भी अपलोड किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गाडरवारा आकर उनकी यात्रा पूरी हुई है, यहां से टीम वापस दिल्ली चली गई। उक्त डाक्यूमेंट्री का उददेश्य है कि विदेशों से आने वालों को ओशो से जुड़े भारत के स्थानों से परिचित कराना है। लोगों की सहायता, जानकारी हेतु इसे यू टयूब पर भी अपलोड किया जाएगा।
Published on:
01 Jan 2019 05:44 pm
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