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एक माह बाद भी धान का परिवहन अधूरा, 10 हजार क्विंटल से अधिक खुले में

paddy transportation remains incomplete समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के एक माह बाद भी जिले में परिवहन और भुगतान व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं आ सकी है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की 19 फ रवरी 2026 की अद्यतन रिपोर्ट के अनुसार बड़ी मात्रा में धान अब भी केंद्रों पर खुले में पड़ी है, जिससे […]

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paddy transportation remains incomplete

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paddy transportation remains incomplete

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के एक माह बाद भी जिले में परिवहन और भुगतान व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं आ सकी है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की 19 फ रवरी 2026 की अद्यतन रिपोर्ट के अनुसार बड़ी मात्रा में धान अब भी केंद्रों पर खुले में पड़ी है, जिससे खराब होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं 400 से अधिक किसानों का 11 करोड़ रुपए से ज्यादा भुगतान लंबित है।
जिले में धान खरीदी के लिए स्वीकृत 45 केंद्रों पर कुल 12,298 किसानों से 11,31,829 क्विंटल से अधिक धान की खरीदी की गई। जिसकी अनुमानित राशि 26,812.98 लाख रुपए है। इसके मुकाबले परिवहन की रफ्तार धीमी रही। रिकॉर्ड में लगभग 12 हजार क्विंटल धान अभी भी केंद्रों पर शेष बताई गई हैए जबकि स्थानीय स्तर पर यह मात्रा 10 हजार क्विंटल से अधिक मानी जा रही है। खुले में रखी धान पर नमी और मौसम का खतरा बना हुआ है।
भुगतान की स्थिति भी चिंताजनक है। अब तक 11,876 किसानों को 25,712.21 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है। लेकिन 422 किसानों का 1,100.77 लाख रुपए अब भी अटका है। ई.भुगतान आदेश जारी होने के बावजूद कुछ प्रकरणों में प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।किसानों का कहना है कि समय पर उपज बेचने के बावजूद राशि नहीं मिलने से रबी फसल की तैयारियों पर असर पड़ रहा है। परिवहन एजेंसियों की कमी और समन्वय के अभाव को स्थिति के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। प्रशासन के सामने चुनौती है कि शीघ्र परिवहन पूरा कर भुगतान तेज किया जाए ताकि किसानों को राहत मिल सके और नुकसान से बचा जा सके।