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किसानों ने दिया धरना तो 8 दिन में 200 किसानों को भुगतान की बात पर सहमति

Farmers, angry over non-payment of sugarcane dues, नरसिंहपुर. गन्ने का भुगतान न मिलने पर नाराज चल रहे किसानों ने गुरुवार की दोपहर भारतीय किसान यूनियन टिकेत के साथ मिलकर कलेक्ट्रेट गेट पर धरना दिया। किसानों ने कहा कि बार-बार मांग, आवेदन के भी किसानों को उनका पैसा नहीं मिल रहा है। महाकौशल शुगर मिल बचई […]

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गन्ने का भुगतान न मिलने पर नाराज चल रहे किसानों ने गुरुवार की दोपहर भारतीय किसान यूनियन टिकेत के साथ मिलकर कलेक्ट्रेट गेट पर धरना दिया। किसानों ने कहा कि बार-बार मांग, आवेदन के भी किसानों को उनका पैसा नहीं मिल रहा है।

कलेक्ट्रेट के गेट पर धरना देते किसान, समझाते अधिकारी।

Farmers, angry over non-payment of sugarcane dues, नरसिंहपुर. गन्ने का भुगतान न मिलने पर नाराज चल रहे किसानों ने गुरुवार की दोपहर भारतीय किसान यूनियन टिकेत के साथ मिलकर कलेक्ट्रेट गेट पर धरना दिया। किसानों ने कहा कि बार-बार मांग, आवेदन के भी किसानों को उनका पैसा नहीं मिल रहा है। महाकौशल शुगर मिल बचई द्वारा किसानों का भुगतान लंबित रख उन्हें परेशान किया जा रहा है। गेट पर बैठे किसानों को मनाने-समझाने के लिए जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र नागेश, एसडीएम मणिंद्र कुमार सिंह, सहायक संचालक गन्ना डॉ. अभिषेक दुबे समेत मिल प्रबंधन की ओर से पहुंचे अधिकारी घंटों लगे रहे। रात करीब सवा 7 बजे किसान इस शर्त पर माने की 8 दिन के अंदर जो 200 किसानों की सूची दी गई है उसमें शत प्रतिशत भुगतान कराया जाएगा। यदि प्रबंधन इस शर्त पर खरा नहीं उतरेगा तो इसके बाद किसान ट्रैक्टर मार्च कर विरोध जताएंगे।
जिले में गन्ना सीजन के शुरूआती दौर से ही प्रशासन लगातार निर्देशित कर रहा है कि किसानों को समय पर गन्ने का भुगतान कराया जाए। लेकिन इन निर्देशों के पालन में हो रही अनदेखी से न केवल किसान परेशान हैं बल्कि प्रशासन के निर्देशों और मंशा पर भी सवाल उठ रहे हैं। बीते मंगलवार को भी दर्जनों किसानों ने आवेदन देकर पीड़ा सुनाई थी और बकाया भुगतान कराने कहा था। लेकिन जब किसानों को समस्या हल होते नजर नहीं आई तो वह फिर गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंच गए। यूनियन के देंवेंद्र पाठक ने बताया कि अधिकारी पहले भुगतान के लिए 15 दिन का समय मांग रहे थे लेकिन किसान राजी नहीं हुए। अंत में 8 दिन में भुगतान की मांग पर राजी हुए तो धरना शांत कर दिया गया। पाठक के अनुसार प्रशासन को जो सूची दी गई है उसमें करीब 200 किसानों के नाम है और उन्हें 8 से 10 करोड़ का भुगतान होना है। प्रशासन यदि दी गई समय अवधी में भुगतान नहीं कराएगा तो फिर किसान प्रदर्शन करेंगे।
वर्जन
मिल प्रबंधन की ओर से प्रशासन के समक्ष लिखित में कहा गया है कि वह 8 दिन में भुगतान करने की प्रक्रिया कर देगा। हालांकि इस दौरान अवकाश के एक-दो दिन होने से किसान भी मान गए हैं। उनका धरना समाप्त हो गया है।
मणिंद्र कुमार सिंह, एसडीएम नरसिंहपुर