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आवास में नरसिंहपुर जनपद पिछड़ा, जिले में 14,459 आवास अब भी अधूरे, कई हितग्राहियों को लाभ पाने इंतजार

Pradhan Mantri Awas Yojana नरसिंहपुर. जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत आवास का कार्य जोर नहीं पकड़ रहा है। नरसिंहपुर जनपद में कार्य सबसे अधिक पिछड़ रहे हैं। जिले में कुल 1,13,480 आवास स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 99,021 आवास पूर्ण हो चुके हैं। जबकि 14,459 आवास अभी निर्माणाधीन हैं।जानकारी कि अनुसार […]

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जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत आवास का कार्य जोर नहीं पकड़ रहा है। नरसिंहपुर जनपद में कार्य सबसे अधिक पिछड़ रहे हैं। जिले में कुल 1,13,480 आवास स्वीकृत किए गए थे,

ग्राम सिहोरा के कई ग्रामीणों को योजना का लाभ पाने इंतजार करने की नौबत बनी है।

Pradhan Mantri Awas Yojana नरसिंहपुर. जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत आवास का कार्य जोर नहीं पकड़ रहा है। नरसिंहपुर जनपद में कार्य सबसे अधिक पिछड़ रहे हैं। जिले में कुल 1,13,480 आवास स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 99,021 आवास पूर्ण हो चुके हैं। जबकि 14,459 आवास अभी निर्माणाधीन हैं।
जानकारी कि अनुसार नरसिंहपुर जनपद आवास निर्माण में सबसे अधिक पिछड़ा है। यहां 19,992 स्वीकृत आवासों में से केवल 16,796 पूर्ण हो सके हैं, जबकि 3,196 आवास प्रगतिरत हैं। यह संख्या जिले के सभी जनपदों में सर्वाधिक है और यहां की पूर्णता 84 प्रतिशत रही, जो जिले में न्यूनतम है। करेली जनपद में भी स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर है। जहां 17,269 स्वीकृत आवासों में से 14,680 पूर्ण हुए हैं और 2,589 आवास शेष हैं। करेली की पूर्णता 85 प्रतिशत आंकी जा रही है। वहीं बाबई चीचली और साईंखेड़ा जनपद में 87 प्रतिशत आवास निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। बाबई चीचली में 2,135 तथा साईंखेड़ा में 2,061 आवास अभी निर्माणाधीन हैं। जिले में चांवरपाठा और गोटेगांव जनपद आवास निर्माण के मामले में अग्रणी साबित हो रहे हैं। जहां 90 प्रतिशत आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। चांवरपाठा में 2,412 और गोटेगांव में 2,066 आवास अब भी प्रगतिरत हैं।
ग्रामीणों को करना पड़ रहा योजना का लाभ पाने इंतजार
जनपद चांवरपाठा के ग्राम सिहोरा के कई ग्रामीणों को योजना का लाभ पाने इंतजार करने की नौबत बनी है। ग्रामीण अपनी पीड़ा कलेक्ट्रेट आकर भी सुना चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि भूमि की नापजोख नहीं होने से उन्हें आवास बनाने में दिक्कत आ रही है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि उन्हें मकान बनाने नहीं दिया जाता है तो जो मकान बन चुके हैं, उन्हें तोड़ा जाए, तभी वे लोग अन्य जगह जाएंगे। शिकायतकर्ता मन्नू, बल्ला, प्रदीप, सविता कोटवार, कमल, हीरालाल, निरपत, सुखराम, उमाबाई, बेटीबाई, गुड्डे देवेंद्र चौधरी, पूजा, मुन्नालाल, रम्मू जाटव, वीरेंद्र आदि ने कार्रवाई की मांग की है।