
नरसिंहपुर/तेदूखेड़ा. शीघ्र ही दिसम्बर के बाद त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न होना है। अधिक आबादी के साथ कुछ ऐसे ग्राम जो दूसरी ग्राम पंचायतों से जुड़े हुए थे। नये परिसीमन हो जाने के उपरंात उन ग्रामों को अलग ग्राम पंचायतों का दर्जा मिलने से चुनावी सरगर्मियां तेज होती नजर आ रही हैं। और नई पंचायतों के वाशिंदें अब अपने अपने गांव में प्रतिनिधित्व करने की मंशा से सजग दिखाई दे रहे हंै। जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत चंावरपाठा में 21 नई ग्राम पंचायतों को परिसीमन के बाद जोड़ा गया है। पिछली 83 ग्राम पंचायतों सहित 21 नई ग्राम पंचायतें ओर गठित हो जाने से अब जनपद पंचायत चांवरपाठा में कुछ 104 ग्राम पंचायतें हो जायेगी। जो ग्राम पंचायतें बनाई गई हंै उनमें ढिलवार को छोड़कर पीपरवानी नई ग्राम पंचायत बनाई है। जिसमें ग्राम महुआखेड़ा को जोड़ा गया है। ग्राम पंचायत गुंदरई से निकालकर जगन्नाथपुर को नई ग्राम पंचायत बनाई गई है। इसमें महुगुंवा चौकी आवरियां ग्राम जोड़े गये हंै। ग्राम पंचायत बिजौरा से बांसखेड़ा को अलग कर नई पंचायत बनाई गई है। बांसखेड़ा में मानकपुर जूड़ा को जोड़ा गया है। इसी तरह बिलगुंवा ग्राम पंचायत से कुकवारा ग्राम को अलग कर नई पंचायत का दर्जा मिला है। जिसमें हथनी धूपखेड़ा बढिय़ा मूड़ापार को शामिल किया गया है। ग्राम पंचायत भौंरा से सुनेटी ग्राम को नई पंचायत का दर्जा मिला है। जिसमें देवरी ग्राम को शामिल किया गया है। ऊमरपानी ग्राम पंचायत में से खैरूआ को अलग कर नई पंचायत का दर्जा दिया गया है। ग्राम पंचायत बंधी में से सर्रा को नई पंचायत तथा गुटोरी से जमनिया को अलग कर नई पंचायत बनाई गई है। वहीं नैनवारा से रूकवारा को अलग कर नई ग्राम पंचायत का दर्जा दिया गया है। जिसमें केसली ग्राम शामिल है। घघरौलाकला से लिंगा को अलग कर नई पंचायत का दर्जा दिया गया है। इसमें पिठहेरा लिंगा घघरौला खुर्द शामिल है। सूकरी ग्राम पंचायत से भैंसा को नई पंचायत बनाया गया है। करहैया ग्राम पंचायत से सलैया को अलग कर नई पंचायत बनाया गया है। वहीं सगोरिया से कुसमी को अलग पंचायत का दर्जा मिला है। जिसमें छपारा ग्राम शामिल है। बीतली से ऊमरपानी नई पंचायत बनाई गई है। इसमें रायपानी को शामिल किया गया है। सिंगोटा से खुर्सुरू को अलग कर नई पंचायत का दर्जा दिया गया है। इमझिरी से बिलोनी अलग कर महुआखेड़ा को जोड़कर अलग पंचायत बनाई गई है। बम्होरी से बरांझ को अलग कर नई पंचायत तथा मनकवारा से घाटपिपरिया निकालकर नई पंचायत बनाया है। बांसखेड़ा से झांमर को अलग कर नई पंचायत बनाई है। इसमें भूत पिपरिया झमरी कुम्हड़ी डावरगांव को जोड़ा गया है। खामघाट को भी नई पंचायत का दर्जा प्राप्त हुआ है। इसी तरह मदनपुर से खैरूआ को अलग कर नई ग्राम पंचायत बनाई गई है। जिसमें बरेली ग्राम को जोड़ा गया है। इन 21 नई ग्राम पंचायतों के अस्तित्व में आने के बाद से स्थानीय लोग अपनी अपनी नवगठित पंचायत में प्रथम सरपंच बनने को लेकर सक्रिय भूमिका में आ गये है।
जनपद का एक और नया वार्ड बना
जनपद पंचायत चांवरपाठा में नये परिसीमन के उपरांत वार्डों की संख्या बढ़कर 24 से अब 25 हो गई है। प्रत्येक वार्ड में अधिकतम 5 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। इसमें ग्राम पंचायत डोभी और कोडिय़ां एक ही ग्राम के जनपद वार्ड निर्धारित किये गये है। जनपद क्षेत्र की राजनीति करने वाले भी अब अपने अपने हिसाब से मैदान में उतरने की तैयारी में आ गये है। वहीं आरक्षण प्रक्रिया के हिसाब से भी ग्राम पंचायतों और जनपदों में लोग अपने अपने हिसाब से तैयारियों में जुटेगें। बहुत से ऐसे ग्राम हंै जो दूसरे अन्य ग्राम पंचायतों में जुड़े होने के कारण अपने आप को उपेक्षित कहा करते थे और विकास के नाम पर हमेेशा अंगुली उठाया करते थे उन्हें भी अब स्वयं की ग्राम पंचायत का दर्जा मिल जाने से उनकी शिकायतें भी अब दूर हो जाएंगी।
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Published on:
15 Nov 2019 08:34 pm
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