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लामबंद शिक्षकों ने मांगी पात्रता परीक्षा से छूट वरिष्ठता निर्धारण की मांग, अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने निकाली रैली

the Teacher Eligibility Test नरसिंहपुर. बुधवार की शाम अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले जिले भर के शिक्षक जनपद मैदान में लामबंद हुए। यहां से रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और स्कूल शिक्षा मंत्री के नाम एक ज्ञापन दिया। जिसमें मांग की गई कि टीईटी अर्थात पात्रता परीक्षा से छूट दी जाए, वरिष्ठता का […]

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बुधवार की शाम अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले जिले भर के शिक्षक जनपद मैदान में लामबंद हुए। यहां से रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और स्कूल शिक्षा मंत्री के नाम एक ज्ञापन दिया। जिसमें मांग की गई कि टीईटी अर्थात पात्रता परीक्षा से छूट दी जाए, वरिष्ठता का निर्धारण किया जाए।

जिले भर के एकत्रित शिक्षक कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देते हुए।

the Teacher Eligibility Test नरसिंहपुर. बुधवार की शाम अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले जिले भर के शिक्षक जनपद मैदान में लामबंद हुए। यहां से रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और स्कूल शिक्षा मंत्री के नाम एक ज्ञापन दिया। जिसमें मांग की गई कि टीईटी अर्थात पात्रता परीक्षा से छूट दी जाए, वरिष्ठता का निर्धारण किया जाए। नारेबाजी के बीच शिक्षकों में खासा उत्साह नजर आया। शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाते हुए पैदल मार्च कर कलेक्ट्रेट तक पहुंचे। कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचने के बाद सभी पार्क में एकत्रित हुए और एक स्वर में अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
प्रांतीय आह्वान पर एकत्रित हुए सभी शिक्षकों ने अपनी प्राथमिक मांग में शिक्षक पात्रता परीक्षा से संबंधित मुद्दे को उठाया। मोर्चा ने कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के परिप्रेक्ष्य में तथा मध्यप्रदेश शासन द्वारा यथाशीघ्र रिव्यू पिटीशन दायर किए जाने के संदर्भ में, उन शिक्षकों को टीईटी से मुक्त रखा जाए जिनकी भर्ती शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अस्तित्व में आने और राज्य में इसके क्रियान्वित किए जाने से पूर्व हुई थी।

शिक्षकों का मानना है कि ऐसे शिक्षकों के पक्ष को मजबूती से रखा जाना चाहिए। मोर्चा की दूसरी प्रमुख मांग में कहा गया कि वर्ष 1998 से कार्यरत शिक्षकों की वरिष्ठता का निर्धारण हो। इन शिक्षकों की वरिष्ठता का निर्धारण उनकी प्रथम नियुक्ति दिनांक से ही किया जाए, ताकि वे इस निर्णय से लाभान्वित हो सकें। यह कदम शिक्षकों के लिए न्यायसंगत होगा और उनकी सेवा शर्तों में सुधार लाएगा। रैली निकालते हुए ज्ञापन देने पहुंचे शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी भी की। मौके पर मोर्चा के पदाधिकारी, सदस्य एवं बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।