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अतिक्रमण हटाकर चौड़ी सडक़ का निर्माण करना भूली नगरपालिका

अतिक्रमण हटाकर चौड़ी सडक़ का निर्माण करना भूली नगरपालिका निकाय की सुस्ती से फिर पनपने लगा अतिक्रमण

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ed to a resurgence of encroachments.

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municipality forgot to build wider roads

शहर के सबसे खतरनाक ब्लैक स्पॉट और अंधे मोड़ को खत्म करने के लिए अतिक्रमण तो हटा दिया गया, लेकिन इसके बाद सडक़ निर्माण करना नगर पालिका भूल गई। पुलिस कंट्रोल रूम से जेल तिराहे तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के एक साल बाद भी यहां प्रस्तावित सवा सौ फ ीट चौड़ी सडक़ का निर्माण न होने से नपा की लापरवाही उजागर हो रही है। हालात यह हैं कि काम में हो रही देरी का फ ायदा उठाकर क्षेत्र में एक बार फिर अतिक्रमण शुरू हो गया है।


चौड़ी सडक़ का होना है निर्माण


बताया जा रहा है कि पुलिस कंट्रोल रूम से जेल तिराहे के बीच स्थित यह अंधा मोड़ शहर का बेहद संवेदनशील और दुर्घटना संभावित क्षेत्र रहा है। यहां आए दिन होने वाले हादसों को देखते हुए नगर पालिका द्वारा अतिक्रमण हटाकर सडक़ चौड़ी करने की योजना बनाई गई थी। इसी उद्देश्य से पहले चरण में अतिक्रमण हटाया गया ताकि सवा सौ फ ीट चौड़ी सडक़ का निर्माण कर वाहनों की आवाजाही को सुरक्षित बनाया जा सके। हालांकि, अतिक्रमण हटाने के बाद सडक़ निर्माण का काम शुरू नहीं हो सका। नपा की लेटलतीफ ी के चलते खाली हुई जमीन पर फिर से अस्थायी अतिक्रमण पनपने लगे है, जिससे पूरे अभियान पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सडक़ निर्माण नहीं किया गया तो भविष्य में यह स्थान फि र से उतना ही खतरनाक हो जाएगा, जितना पहले था।


नपा की सुस्ती से फेरा उम्मीदों पर पानी


गौरतलब है कि यह मार्ग पुलिस कंट्रोल रूम के सामने से होकर जेल तिराहे की ओर जाता है, जहां पहले संकरी सडक़ और अंधे मोड़ के कारण वाहन चालकों को सामने से आने वाले वाहनों का अंदाजा नहीं लग पाता था। इसी वजह से यहां दुर्घटनाओं का सिलसिला बना रहता था। अब जब अतिक्रमण हटाया गया था, तब लोगों को उम्मीद जगी थी कि जल्द ही चौड़ी सडक़ बनाकर इस ब्लैक स्पॉट को पूरी तरह खत्म किया जाएगा। लेकिन नगर पालिका की सुस्ती ने उन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका से मांग की है कि अतिक्रमण हटाने के बाद सडक़ निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए ताकि दोबारा अतिक्रमण रोका जा सके और शहर को एक और दुर्घटना मुक्त मार्ग मिल सके।

शहर के सबसे खतरनाक ब्लैक स्पॉट और अंधे मोड़ को खत्म करने के लिए अतिक्रमण तो हटा दिया गया, लेकिन इसके बाद सडक़ निर्माण करना नगर पालिका भूल गई। पुलिस कंट्रोल रूम से जेल तिराहे तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के एक साल बाद भी यहां प्रस्तावित सवा सौ फ ीट चौड़ी सडक़ का निर्माण न होने से नपा की लापरवाही उजागर हो रही है। हालात यह हैं कि काम में हो रही देरी का फ ायदा उठाकर क्षेत्र में एक बार फिर अतिक्रमण शुरू हो गया है।
सवा सौ फ ीट चौड़ी सडक़ का होना है निर्माण
बताया जा रहा है कि पुलिस कंट्रोल रूम से जेल तिराहे के बीच स्थित यह अंधा मोड़ शहर का बेहद संवेदनशील और दुर्घटना संभावित क्षेत्र रहा है। यहां आए दिन होने वाले हादसों को देखते हुए नगर पालिका द्वारा अतिक्रमण हटाकर सडक़ चौड़ी करने की योजना बनाई गई थी। इसी उद्देश्य से पहले चरण में अतिक्रमण हटाया गया ताकि सवा सौ फ ीट चौड़ी सडक़ का निर्माण कर वाहनों की आवाजाही को सुरक्षित बनाया जा सके। हालांकि, अतिक्रमण हटाने के बाद सडक़ निर्माण का काम शुरू नहीं हो सका। नपा की लेटलतीफ ी के चलते खाली हुई जमीन पर फिर से अस्थायी अतिक्रमण पनपने लगे है, जिससे पूरे अभियान पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सडक़ निर्माण नहीं किया गया तो भविष्य में यह स्थान फि र से उतना ही खतरनाक हो जाएगा, जितना पहले था।
नपा की सुस्ती से फेरा उम्मीदों पर पानी
गौरतलब है कि यह मार्ग पुलिस कंट्रोल रूम के सामने से होकर जेल तिराहे की ओर जाता है, जहां पहले संकरी सडक़ और अंधे मोड़ के कारण वाहन चालकों को सामने से आने वाले वाहनों का अंदाजा नहीं लग पाता था। इसी वजह से यहां दुर्घटनाओं का सिलसिला बना रहता था। अब जब अतिक्रमण हटाया गया था, तब लोगों को उम्मीद जगी थी कि जल्द ही चौड़ी सडक़ बनाकर इस ब्लैक स्पॉट को पूरी तरह खत्म किया जाएगा। लेकिन नगर पालिका की सुस्ती ने उन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका से मांग की है कि अतिक्रमण हटाने के बाद सडक़ निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए ताकि दोबारा अतिक्रमण रोका जा सके और शहर को एक और दुर्घटना मुक्त मार्ग मिल सके।