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इलाज के बीच परेशानी का आलम:बंद लिफ्ट,उड़ती धूल ने बढ़ाई मरीजों की परेशानियां

नरसिंहपुर.शहर के चौ शंकरलाल दुबे शासकीय जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग जो मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से बनाई गई थी, आज खुद ही समस्याओं का अड्डा बनती जा रही है। यहां इलाज के लिए आने वाले मरीज और उनके परिजन सुविधाओं के बजाय परेशानियों से जूझने को मजबूर हैं। लिफ्ट बंद मरीजों […]

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Closed lift,

Closed lift,

नरसिंहपुर.शहर के चौ शंकरलाल दुबे शासकीय जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग जो मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से बनाई गई थी, आज खुद ही समस्याओं का अड्डा बनती जा रही है। यहां इलाज के लिए आने वाले मरीज और उनके परिजन सुविधाओं के बजाय परेशानियों से जूझने को मजबूर हैं।


लिफ्ट बंद मरीजों के लिए बढ़ी मुसीबत


नई बिल्डिंग में लगी दो महत्वपूर्ण लिफ्टें कई दिनों से बंद पड़ी हैं। इनमें एक लिफ्ट सामान्य मरीजों के आवागमन के लिए है, जबकि दूसरी आईसीयू और गहन शिशु चिकित्सा इकाई तक पहुंचने के लिए उपयोग में आती है।लिफ्ट बंद होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को सीढिय़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। यह स्थिति सामान्य मरीजों के लिए तो कठिन है ही, लेकिन बुजुर्ग, गंभीर और स्ट्रेचर पर लाए जाने वाले मरीजों के लिए बेहद कष्टदायक बन गई है। आपात स्थिति में हर मिनट की अहमियत होती है, लेकिन यहां मरीजों को सीढिय़ों के सहारे ऊपर.नीचे ले जाना पड़ रहा है। जिससे जोखिम और बढ़ जाता है।


अटेंडरों के लिए नहीं जगह


नई बिल्डिंग के ऊपरी तल पर स्थित आईसीयू वार्ड के पास अटेंडरों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। मरीजों के साथ आए परिजन घंटों इंतजार करते हैं, लेकिन उनके बैठने के लिए न तो पर्याप्त कुर्सियां हैं और न ही कोई व्यवस्थित स्थान।मजबूरी में अटेंडरों को फ र्श पर बैठकर या लेटकर समय गुजारना पड़ रहा है। यह स्थिति न केवल असुविधाजनक है, बल्कि अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े करती है।


निर्माण कार्य से उड़ती धूल, सांस लेना मुश्किल


अस्पताल की नई बिल्डिंग में अभी भी निर्माण कार्य जारी है। ऊपरी तल पर पत्थर और टाइल्स कटिंग का काम चल रहा है, जिससे लगातार धूल के गुबार उठ रहे हैं।इस धूल के कारण मरीजों और अटेंडरों को सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की स्थिति स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।


एयर क्वालिटी भी पहुंची खतरनाक स्तर पर


मंगलवार दोपहर को निर्माण कार्य के दौरान उड़ती धूल के कारण अस्पताल परिसर का एयर क्वालिटी इंडेक्स 144 तक पहुंच गया, जो खराब श्रेणी में आता है। ऐसे वातावरण में पहले से बीमार मरीजों के लिए रहना और भी खतरनाक हो जाता है, खासकर सांस और एलर्जी से जुड़ी बीमारियों वाले मरीजों के लिए। गौरतलब है इन दिनों जिला अस्पताल में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अस्पताल में पहले से ही भीड़ का दबाव है और इन अव्यवस्थाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है।


प्रबंधन की अनदेखी, सवालों के घेरे में व्यवस्था


सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इन समस्याओं के बावजूद अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कदम नजर नहीं आ रहा है। लिफ्ट सुधार और धूल नियंत्रण जैसी बुनियादी जरूरतों पर ध्यान न देना, मरीजों की सुरक्षा और सुविधा के प्रति लापरवाही को दर्शाता है।


वर्जन..
वर्तमान में नई बिल्डिंग की ऊपरी मंजिल पर निर्माण कार्य चल रहा है,जिसके कारण यहां धूल उड़ रही होगी,इसके लिए यहां काम करने वाले स्टाफ को एहतियात बरतने का निर्देश दिए जाएंगें। इसी निर्माण कार्य के कारण नई बिल्डिंग भी सुरक्षा कारणों से बंद है।
राजेंद्र डहेरिया प्रबंधक जिला अस्पताल नरसिंहपुर