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दिल्ली में बेकाबू हुआ कोरोना, सामने आए 17 हज़ार से अधिक नए मामले

देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यहां अब तक 465 लोग कोरोना वायरस के ओमिक्रोन (Omicron) वेरिएंट से संक्रमित हुए हैं। जानिए क्या है पूरी स्थिति

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doctors inform about first omicron variant corona patient in delhi

doctors inform about first omicron variant corona patient in delhi

देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के मामले तेज रफ्तार से बढ़ रहे हैं। अगर बात आज की करें तो आज ही 17 हजार से अधिक केस की पुष्टि हुई है, जो 8 मई 2021 के बाद से सबसे ज्यादा नए कोरोना मामले हैं। 8 मई को 17,364 केस आए थे। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग की तरफ से शाम के करीब सवा 8 बजे जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक,17335 मामले आए हैं। आंकड़ों को देखें तो संक्रमण दर बढ़कर 17.73 फीसदी हो गई है। पिछले 24 घंटे में 97762 टेस्ट किए गए। इतने ही समय में 9 मरीजों की मौत हुई है और 8951 लोग संक्रमण से उबरे हैं।

शहर का पूरा हाल:
शहर में अब तक 1506798 मरीज कोरोना से संक्रमित हुए हैं और इनमें से 1441789 लोग संक्रमण से उबर चुके हैं। इस समय 39873 एक्टिव मरीज हैं।

कोरोना से मौत के आंकड़े:
आपको बता दें की राजधानी दिल्ली में जनवरी के पहले सात दिनों में कोरोना वायरस संक्रमण के चलते 29 लोगों की मौत हो चुकी है। ये मौतें मोटे तौर पर ओमिक्रोन स्वरूप के कारण कोविड मामलों में वृद्धि के बीच हुई हैं।

स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का क्या कहना है:
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने इससे पहले ही ये कह दिया था कि दिल्ली में सबसे पहले संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखी गई क्योंकि ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय उड़ानें राजधानी में आती है। जैन ने पत्रकारों से कहा, ‘‘इसलिए हमने, कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए अन्य राज्यों की तुलना में सख्त कदम लागू किए। कुछ लोग कह सकते हैं कि इसकी आवश्यकता नहीं है लेकिन बाद में पछताने से यह बेहतर है।"

क्या बोले मंत्री सत्येंद्र जैन:
‘‘मैं आपको आंकड़े दे सकता हूं, जो मेरे पास है। दिल्ली में करीब 31,498 मरीज उपचाराधीन हैं और अस्पतालों में केवल 1,091 मरीजों का इलाज चल रहा है। पिछली बार इतने ही मामले थे तो अस्पतालों में करीब 7,000 मरीज भर्ती थे।’’ सत्येंद्र जैन ने कहा कि कोई भी मरीज़ जो होम आईसोलेशन में है वह पॉज़िटिव आने के 7 दिन बाद डिस्चार्ज हो सकता है अगर उसको 3 दिन लगातार कोई लक्षण नहीं आता है। इसमें मरीज़ को फिर से टेस्ट कराने की आवश्यकता नहीं है।

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