
Lok Sabha Session 2024: नवनिर्वाचित सांसदों की शपथ ग्रहण के साथ 18 वीं लोकसभा का सोमवार को आगाज हो गया। पहले दिन 280 सांसदों की शपथ हुई, अन्य की मंगलवार को होगी। राज्यों की वर्णमाला क्रम के हिसाब से शपथ हो रही है। इस बार लोकसभा चुनाव में सदस्य संख्या बढ़ने से विपक्ष पहले दिन काफी उत्साहित दिखा। विपक्षी सांसद संविधान की प्रतियां लेकर पहुंचे थे। प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति को नियम विरुद्ध बताते हुए विपक्ष ने सदन से बाहर और अंदर दोनों जगह नारेबाजी की। कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अगुवाई में इंडिया समूह के सांसदों ने संसद परिसर में संविधान की कॉपी लहराई और संविधान बचाओ के नारे लगाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब सांसद की शपथ लेने के लिए पोडियम की तरफ बढ़े तो विपक्ष की पहली पंक्ति में बैठे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने उन्हें संविधान की प्रति दिखाई। इसके बाद उन्होंने मोदी को नमस्कार किया। मोदी ने भी अभिवादन स्वीकारते हुए नमस्कार से जवाब दिया। विपक्षी सांसदों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के शपथ लेने के दौरान भी नीट परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर नारेबाजी और हूटिंग की। सर्वप्रथम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भाजपा के वरिष्ठ सांसद भर्तृहरि महताब को सुबह 10 बजे प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलाई। जिसके बाद 18 वीं लोकसभा के नवनिर्वाचित सांसदों का शपथ ग्रहण शुरू हुआ।
पहले दिन इन राज्यों से शपथः आंध्र प्रदेश, असम, अरुणाचल, अंडमान एंड निकोबार, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दादरा नगर हवेली, दिल्ली, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, लद्दाख, लक्षदीप, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र
राजस्थान के सांसद आज होगी शपथः वर्णमाला क्रम के अनुसार राज्यों के सांसदों की शपथ कराई गई है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश सहित तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों के कुल 264 सांसदों की आज मंगलवार को शपथ होगी।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा अब राज्यसभा में सदन के नेता होंगे। गुजरात से राज्यसभा सांसद नड्डा यह जिम्मेदारी पीयूष गोयल के बदले में संभालेंगे।
तीन जुलाई तक चलने वाले सत्र के शुरुआती दो दिनों तक सांसदों को शपथ दिलाई जाएगी। बुधवार को लोकसभा स्पीकर का चुनाव और अगले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। इसके बाद उनके अभिभाषण पर चर्चा होगी। सूत्रों का कहना है कि स्पीकर पद के लिए सत्ता पक्ष मंगलवार को दोपहर 12 बजे तक नामांकन की प्रक्रिया कर सकता है।
लोकसभा के पहले सत्र के शुरू होने से पहले ही प्रोटेम स्पीकर बनाने को लेकर विपक्षी दलों ने विरोध किया। इसके चलते प्रोटेम स्पीकर के सहायक के तौर पर नियुक्त कांग्रेस सांसद सुरेश, डीएमके नेता केटी बालू और टीएमसी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने शपथ नहीं ली। विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, सांसद राहुल गांधीे सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई दलों के सांसद शामिल हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्र से पूर्व मीडिया को परंपरागत रूप से संबोधित करते हुए कहा कि आजादी के बाद पहली बार हमारे अपने नए संसद में यह शपथ हो रहा है। कल 25 जून है, 50 साल पहले इसी दिन संविधान पर काला धब्बा लगा दिया गया था। हम कोशिश करेंगे कि देश में कभी भी ऐसी कालिख न लग सके। जो लोग भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं पर निष्ठा रखते हैं, उनके लिए 25 जून न भूलने वाला दिवस है। मोदी ने विपक्ष से रचनात्मक कार्यों की अपेक्षा करते हुए कहा कि जनता को नाटक, हंगामा नहीं चाहिए। देश को नारे नहीं, सब्स्टैंस चाहिए। देश को एक अच्छा और जिम्मेदार विपक्ष चाहिए।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि एनडीए सरकार के पहले 15 दिनों में कई त्रासदी का सामना देश ने किया, लेकिन प्रधानमंत्री का ध्यान सिर्फ अपनी सरकार बचाने पर रहा। प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह, संविधान पर जो आक्रमण कर रहे हैं, वो हमें स्वीकार्य नहीं है। राहुल ने दस समस्याओ का जिक्र किया। 1. भीषण ट्रेन दुर्घटना, 2. कश्मीर में आतंकवादी हमले,3. ट्रेनों में यात्रियों की दुर्दशा,4. नीट घोटाला,5. नीट पीजी निरस्त,6. यूजीसी नेट का पेपर लीक, 7. दूध, दाल, गैस, टोल और महंगे, 8. आग से धधकते जंगल, 9. जल संकट, 10. हीट वेव में इंतजाम न होने से मौतें
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री आज ज़रूरत से ज़्यादा बोले। इसे कहते हैं, रस्सी जल गई, बल नहीं गया। देश को आशा थी कि मोदी महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर कुछ बोलेंगे। नीट व अन्य भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के बारे में युवाओं के प्रति कुछ सहानुभूति दिखाएंगे। पर, मोदी विपक्ष को नसीहत दे रहे हैं। 50 साल पुरानी इमरजेंसी की याद दिला रहे हैं, पिछले 10 साल के अघोषित आपातकाल को भूल गए जिसका जनता ने अंत कर दिया। लोगों ने मोदी जी के ख़िलाफ जनमत दिया है। इसके बावजूद अगर वो प्रधानमंत्री बन गए हैं तो उन्हें काम करना चाहिए।
- 18 वीं लोकसभा के प्रथम सत्र के पहले दिन हल्के-फुल्के क्षण भी सामने आए। परिसर में और भवन के अंदर दलीय दीवारों से परे एक दूसरे का हालचाल लेने और मजाक करते सदस्य दिखे।
- पहली बार सदन पहुंचे नए सदस्यों के लिए मामला कौतूहल भरा रहा। वे पहला दिन पुराना संसद भवन और नए संसद भवन के हर पाइंट खासतौर से एंट्री और एग्जिट पाइंट को समझने में ही व्यस्त दिखे।
- केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह जब हंस द्वार से निकल रहे थे तो सीढ़ियों पर कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल और के सुरेश मिल गए। वेणुगोपाल और गिरिराज एक दूसरे के गले लग गए और हंसी-मजाक भी करने लगे।
- भाजपा सांसद संबित पात्रा को देख सपा सांसद राजीव राय बोले- दोनों की किस्मत में साथ-साथ संसद पहुंचना लिखा था। यह सुन संबित पात्रा बोले- टीवी में लड़ते थे, अब सदन में लड़ेंगे। इस पर ठहाके लगे।
Published on:
25 Jun 2024 08:38 am
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
