
पूना अभिलेखागार की 500 फिल्मों का होगा संरक्षणः चंद्रा
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अधीन कार्यरत पुणे स्थित फिल्म अभिलेखागार में रखी फिल्मों के संरक्षण के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इसके पहले चरण में फिल्म अभिलेखागार की 500 फिल्मों का संरक्षण किया जाएगा।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण सचिव अपूर्व चंद्रा ने यहां इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में तीसरी द्विवार्षिक ऑडियो-विजुअल आर्काइवल (अभिलेखीय) समर स्कूल कार्यशाला का उद्घाटन करने के बाद आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए यह जानकारी दी। हेरिटेज फिल्म फाउण्डेशन (HFF) की ओर से इंटरनेशनल फैडरेशन ऑफ फिल्म आर्काइव्स (FIAF) की साझेदारी में यह कार्यशाला आयोजित की गई है।
चंद्रा ने कहा कि पुणे फिल्म अभिलेखागार में छोटी-बड़ी करीब 25 हजार फिल्मों का संग्रह है। सरकार ने इनके संरक्षण के लिए फिल्मों का डिजिटलाइजेशन करने की योजना पर काम शुरू करते हुए बजट प्रावधान किया है। पहले चरण में पांच सौ फिल्मों के डिजिटलाइजेशन का काम शुरू किया जा चुका है। उन्होंने फाउंडेशन की ओर से फिल्म विरासत के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
उद्घाटन समारोह में जाने माने फिल्म निर्माता, कलाकार व कवि मुजफ्फर अली और मशहूर छायाकार हैसलब्लैड पुरस्कार विजेता दयानिता सिंह अतिथि के रूप में मौजूद रहे। एफआईएएफ के प्रशिक्षण समन्वयक डेविड वॉल्श ने फिल्म फाउंडेशन विश्व सिनेमा प्रोजेक्ट के अध्यक्ष मार्टिन स्कॉर्सेसी की भावनाओं से अवगत करवाया। प्रसिद्ध कलाकार रुक्मणी चटर्जी ने दिव्य स्त्री अवधारणा पर सौरजा टैगोर और कांतिका मिश्रा ने नृत्यकला की एक प्रस्तुति दी। फाउण्डेशन के ब्राण्ड एम्बेसडर अमिताभ बच्चन ने वीडियो सन्देश के जरिए शुभकामनाएं दी। इस मौके फाउंडेशन का लाईफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड उमा दा कुन्हा व अरुणा वासुदेव को प्रदान किया गया ।
फाउंडेशन के निदेशक शिवेंद्र सिंह डूंगरपुर के अनुसार दस दिवसीय कार्यशाला में दुनिया भर से 55 प्रतिभागी और अंतरराष्ट्रीय संकाय के सदस्य भाग ले रहे हैं।
Published on:
11 Oct 2023 09:30 pm
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
