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सरकार ‘महिला बे-वकूफ बनाओ बिल’ लाई है, आम आदमी पार्टी ने ‘महिला आरक्षण विधेयक’ पर उठाए सवाल

AAP Questions Women Reservation Bill: आम आदमी पार्टी ने संसद में पेश किए गए महिला आरक्षण बिल को महिला को बे-वकूफ बनाने वाला बिल बताया है।

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AAP Questions Women Reservation Bill: संसद के विशेष सत्र में केंद्र सरकार की ओर से लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पेश किया तो आम आदमी पार्टी ने इसे मोदी सरकार द्वारा महिलाओं को बे-वकूफ बनाने की कोशिश बताया है। केजरीवाल कैबिनेट में मंत्री आतिशी ने आज कहा सरकार जो बिल लाई है इससे महिलाओं को 2028 से पहले आरक्षण नहीं मिल पाएगा। 2024 लोकसभा चुनाव में वोट मांगने के लिए मोदी सरकार महिलाओं को बे-वकूफ बनाने का प्रयास कर रही है। आतिशी बोलीं- हमारी मांग है कि सरकार जल्द से जल्द इस बिल में संशोधन करे और 2024 से ही लागू किया जाए। सरकार पर हमला बोलने के बाद उन्होंने कहा कि सैद्धांतिक रूप से उनकी पार्टी (AAP) इसके समर्थन में है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आतिशी ने आगे कहा, "कल रात मीडिया के जरिए खबर आई कि महिला आरक्षण विधेयक को कैबिनेट ने मंजूरी दी है और इसे संसद में पेश किया जाएगा। आम आदमी पार्टी ने इस बिल का स्वागत किया। हमने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के आरक्षण का समर्थन करते हैं। लेकिन बिल जब तक हमारे हाथ में नहीं आता और हम इसके प्रावधानों को नहीं देखते तब तक हम इस पर टिप्पणी नहीं कर सकते। कुछ समय पहले यह संविधान संशोधन बिल सार्वजनिक हुआ और इसे हमने पढ़ा तो समझ में आया कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, 2024 चुनाव से पहले महिला बे-वकूफ बनाओ बिल है।"

"जनगणना होने में कम से कम एक साल का समय लगता है। उसके बाद परिसीमन प्रक्रिया शुरू होगी। एमसीडी जैसे छोटे चुनाव में परिसीमन में चुनाव आयोग को छह महीने का समय लगा। पूरे देश का करने में एक-दो साल आराम से लग जाएगा। 91वें संविधान संशोधन के अनुसार 2026 से पहले राष्ट्रीय स्तर पर परिसीमन हो ही नहीं सकता। इसका मतलब जिस महिला आरक्षण बिल का इतना ढिंढोरा पीटा जा रहा है वह 2027 या 2028 से लागू होगा।"

"बिल के प्रावधानों को पढ़ने से पता चलता है कि 2024 के चुनाव से पहले देश की महिलाओं को बे-वकूफ बनाने का प्रयास किया जा रहा है। यदि मोदी जी की नीयत होती कि उन्हें महिलाओं को वास्तव में आरक्षण देना है तो वह 2024 में दे देते। क्यों उन्होंने कहा कि पहले हम जनगणना का इंतजार करेंगे, फिर परिसीमन का इंतजार करेंगे। उसके बाद महिलाओं को आरक्षण देंगे। आज जितनी सीटें हैं उसमें एक तिहाई आरक्षण क्यों नहीं दे सकते हैं?"

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