Kisan Mahapanchayat Ramlila Maidan : दिल्ली के रामलीला मैदान में किसानों की कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ बैठक खत्म हो गई है। बैठक के बाद किसान नेता दर्शन पाल ने दो टूक कहा कि ये सरकार आंदोलन के बिना हमें एमएसपी नहीं देगी। हमारी बात नहीं मानी गई तो 20 दिनों में बड़ा आंदोलन करेंगे।
Kisan Mahapanchayat Ramlila Maidan : देश की राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में आज अलग-अलग किसान संगठनों की महापंचायत हो रही है। किसान हित और खेती को बचाने के लिए लंबित मांगों के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा ने किसान आंदोलन-2 की घोषणा की है। किसान नेताओं ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो 2024 के चुनाव में सभी पार्टियों को किसानों के रोष का असर दिखेगा। किसानों की कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ बैठक खत्म हो गई है। बैठक के बाद किसान नेता दर्शन पाल ने कहा कि ये सरकार आंदोलन के बिना हमें एमएसपी नहीं देगी।
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ बैठक खत्म होने के बाद किसानों ने कहा कि आंदोलन के बिना सरकार उनकी बात सुनने वाली है। बैठक के बाद किसान नेता डॉ. दर्शन पाल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ये सरकार आंदोलन के बिना हमें एमएसपी नहीं देगी। साथ ही कहा कि अगर हमारी बात नहीं मानी गई तो आने वाले 20 दिनों में बड़ा आंदोलन करेंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) नेता दर्शन पाल ने कहा कि केंद्र सरकार को 9 दिसंबर 2021 को किसान नेताओं को लिखित में दिए गए आश्वासनों को पूरा करना चाहिए। साथ ही किसानों के सामने लगातार बढ़ते संकट को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि हमने एमएसपी कमेटी की मांग नहीं की, हमने एमएसपी गारंटी कानून की मांग की है। उन्होंने कहा कि हमने मुजफ्फरनगर में बीजेपी को 8 सीटों से घटाकर एक सीट पर कर दिया। किसान नेता ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि 2024 में पूरे देश में बीजेपी का एक जैसा हश्र होगा।
देशभर के किसान आज दिल्ली के रामलीला मैदान में आंदोलन कर रहे है। किसानों ने केंद्र सरकार के सामने अपनी सात मांगे रखी है।
— केंद्र सराकर एमएसपी को कानूनी गारंटी दे।
— एमएसपी पर गठित कमेटी को रद्द कर नई कमेटी का गठन करे।
— खेती-किसानी पर लागत ज्यादा आने की वजह से किसान कर्ज में हैं। सरकार कर्ज माफ करे।
— किसानों के सभी फसलों का बीमा के दायरे में लाए सरकार।
— किसानों पर बकाया बिजली बिलों को माफी।
— कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान किसानों पद दर्ज की वापसी।
— किसानों को मिले प्रति माह 5 हजार रुपए पेंशन।