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Women Reservation Bill के बाद भी महिलाओं लिए के दिल्ली है दूर! संसद पहुंचने में लग जाएंगे 6 साल

Women Reservation Bill: विधायिका में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधानों वाला 128 वां संविधान संशोधन विधेयक, 2023 लोकसभा में मंगलवार को पेश किया गया।

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 After Women Reservation Bill women are far away in Delhi

विधायिका में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधानों वाला 128 वां संविधान संशोधन विधेयक, 2023 लोकसभा में मंगलवार को पेश किया गया। कानून मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने नारी शक्ति वंदन विधेयक पेश करते हुए कहा कि संसद के नवनिर्मित भवन में पहले दिन की कार्यवाही के ऐतिहासिक दिन को यह विधेयक प्रस्तुत किया जा रहा है।

बता दें कि इस बिल के पास होने के बाद भी महिलाओं के लिए दिल्ली के साथ ही राज्यों की विधायिका में पहुंचने के लिए 6 साल का इंतजार करना पड़ेगा। साफ शब्दों में कहे तो इस कानून का फायदा 2029 के चुनावों में मिलेगा।

लाभ न मिलने के पिछे परिसीमन कारण

बता दें कि 2026 में लोकसभा, राज्यसभा के साथ ही विधानसभाओं का परिसीमन होगा। इससे पहले सरकार को जनगणना कराना है। लेकिन अगर हम अभी के हालात देखें तो आने वाले समय में जनगणना करना का सवाल ही नहीं उठता है। इसके पीछे कारण है देश के 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव सहित अगले साल होने वाला लोकसभा चुनाव। क्योंकि सरकार अगले दो महीने बाद चुनावों में चली जाएंगी।

2029 में ही क्यों मिलेगा लाभ?

दरअसल, 2025 में जनगणना के बाद सरकार 2026 में लोकसभा, राज्यसभा के साथ ही विधानसभाओं का परिसीमन करेगी। उस समय लोकसभा के साथ विधानसभा की भी सीटें बढ़ेंगी फिर महिलाओं को इस कानून का फायदा मिलेगा। वहीं, बिल के प्रावधानों को देखे तो पता चलता है कि बिल में जो प्रावधान हैं उनके अनुसार यह महिला आरक्षण बिल 2028 तक लागू हो पाएगा।

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